Last Updated on September 21, 2026 by Gopi Krishna Verma

जमुआ। रविवार देर रात करीब 1 बजे चित्तडीह-पचंबा मुख्य मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे ने जिले में अवैध खनन और परिवहन के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पचंबा की ओर जा रहे अभ्रक लदे 407 वाहन और जमुआ की ओर जा रहे कोयला लदे ट्रक के बीच हुई जोरदार टक्कर में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
लेकिन इस हादसे ने उस सच को उजागर कर दिया है, जिसे अक्सर अंधेरे के पीछे छिपाने की कोशिश की जाती है।

मुख्य मार्ग पर आधी रात कैसे दौड़ रहे सवालिया वाहन
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से गहरा आक्रोश और संदेह है। क्षेत्र में लगातार अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि रात के सन्नाटे में, पुलिस गश्त के बावजूद, अभ्रक से लदा वाहन मुख्य मार्ग से बेखौफ होकर कैसे गुजर रहा था? क्या रात्रि गश्ती महज कागजों तक सीमित है या फिर इन अवैध गतिविधियों को अनदेखा किया जा रहा है?
जांच के दायरे में कागजात और स्रोत
दुर्घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। फिलहाल संबंधित वाहन के मालिकाना हक, अभ्रक कहां से लाया जा रहा था (स्रोत) और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि अभ्रक का यह परिवहन वैध था या अवैध।
अब देखना यह होगा कि क्या जांच केवल वाहन तक सीमित रहती है या इसके पीछे चल रहे पूरे नेटवर्क का खुलासा होता है।




