Last Updated on July 28, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। सिविल सोसाइटी गिरिडीह के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज नगर आयुक्त, गिरिडीह नगर निगम एवं महापौर, गिरिडीह नगर निगम से शिष्टाचार भेंट कर नगर निगम क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट, दूषित जलापूर्ति तथा अनियमित जल वितरण की गंभीर समस्या से अवगत कराया एवं इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के अनेक वार्डों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि नागरिकों को गुणवत्ताहीन एवं अशुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। साथ ही वार्ड संख्या 18, 29, 31 एवं 32 सहित कई क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से नियमित जलापूर्ति बाधित है। कहीं बहुत कम मात्रा में पानी पहुंच रहा है तो कहीं कई दिनों तक जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहती है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सिविल सोसाइटी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाए, जल शुद्धीकरण एवं फिल्ट्रेशन व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाए, जलापूर्ति से वंचित क्षेत्रों में शीघ्र नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति बहाल की जाए तथा जलापूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
नगर आयुक्त एवं महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करते हुए नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर सिविल सोसाइटी गिरिडीह के प्रतिनिधिमंडल में शंकर पांडे, सुनील खंडेलवाल, मोहम्मद तारीक, लखन लाल, कृष्ण कुमार, सुधीर अग्रवाल एवं विशाल कुमार शामिल थे।




