Last Updated on September 27, 2026 by Gopi Krishna Verma
गिरिफ्तार आरोपियों में से दो गिरिडीह व एक कोडरमा से, पटना में रटवाए गए थे प्रश्न पत्र

गिरिडीह। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए अवैध लाभ उठाने के मामले में सीआईडी (CID) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने इस मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- संजय कुमार: (निवासी: गांवा, गिरिडीह) – वर्तमान में मानगो (जमशेदपुर) में फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है।
- अजय कुमार: (निवासी: सतगावां, कोडरमा) – सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (नेपाल हाउस, रांची)।
- रामकृष्णा कुमार सिंह: (निवासी: धनवार, गिरिडीह) – सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (नेपाल हाउस, रांची)।
पटना ले जाकर रटवाए गए थे प्रश्नपत्र
सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार इस पूरे गिरोह में मुख्य बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। उसने कई अभ्यर्थियों को पटना ले जाकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र रटवाए थे और इसके एवज में उनसे मोटी रकम वसूली थी।

वहीं, गिरफ्तार अजय कुमार और रामकृष्णा कुमार सिंह वे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने संजय कुमार को पैसे देकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किए थे। दोनों वर्तमान में रांची स्थित नेपाल हाउस में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित हैं।
4 दिनों की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
सीआईडी की विशेष टीम पिछले चार दिनों से इन तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ कर रही थी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद शनिवार को तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि संजय कुमार के संपर्क में कई अन्य अभ्यर्थी भी थे। जांच एजेंसी अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य पहलुओं और शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।




