Last Updated on September 26, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिले में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला पर्यावरण समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा अवैध खनन जैसे संवेदनशील मुद्दों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध खनन पर नकेल और औद्योगिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अवैध बालू खनन, अवैध डंपिंग, स्टोन माइंस और स्टोन क्रशरों की नियमित आधार पर सख्त जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों में:
- ETP/STP (एफ्लुएंट/सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने,
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) की प्रभावी व्यवस्था लागू करने,
- औद्योगिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण करने, तथा
- दूषित जल को पूरी तरह उपचारित (ट्रीट) करने के बाद ही जल स्रोतों में प्रवाहित करने पर विशेष बल दिया।
स्वास्थ्य सर्वेक्षण और CTO अनुपालन के निर्देश
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा, जिले के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं अन्य व्यावसायिक-औद्योगिक संस्थानों में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित मानकों का पालन करने तथा वैध CTO (सहमति पत्र) की अनिवार्यता सुनिश्चित करने की बात कही।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और प्रभावी कानून प्रवर्तन के माध्यम से जिले में एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का टास्क सौंपा है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर निगम, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा सीसीएल (CCL) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




