Last Updated on September 26, 2026 by Gopi Krishna Verma
जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में कड़े फैसले; बिना चालान/वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग पर तुरंत होगी जब्ती व एफआईआर

गिरिडीह। जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और अनधिकृत भण्डारण पर पूरी तरह से नकेल कसने तथा सरकारी राजस्व व प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त हो गया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी (पूर्वी व पश्चिमी), अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, आईएएस प्रशिक्षु यश कुमार सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO), अंचल अधिकारी (CO) और जिला खनन पदाधिकारी (DMO) मुख्य रूप से उपस्थित थे।

प्रमुख बिंदु एवं प्रशासनिक निर्देश:
- जीरो टॉलरेंस की नीति: उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
- त्रिस्तरीय संयुक्त छापेमारी अभियान: खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और वन विभाग को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर संवेदनशील खनन क्षेत्रों और चिन्हित मार्गों पर संयुक्त छापेमारी चलाने का आदेश दिया गया है।
- चेक पोस्ट पर सघन जांच व रात्रिकालीन गश्ती: चिन्हित रास्तों व चेक पोस्ट पर वाहनों की कड़ी जांच होगी। बिना वैध चालान, ओवरलोडिंग या अनधिकृत दस्तावेजों के पाए जाने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रात्रिकालीन गश्ती और औचक निरीक्षण बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- सतत एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई: उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच व कार्रवाई केवल औपचारिक अभियानों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक निरंतर प्रक्रिया बनाया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके।
- त्वरित कार्रवाई व रिपोर्टिंग: किसी भी क्षेत्र से अवैध खनन या परिवहन की शिकायत मिलने पर स्थानीय अधिकारियों (SDO/SDPO/CO) को तुरंत सत्यापन कर कार्रवाई करने और इसकी सूचना सीधे जिला स्तर पर साझा करने का निर्देश दिया गया है।
“प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सरकारी राजस्व की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैध खनन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, जबकि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।” — रामनिवास यादव, उपायुक्त, गिरिडीह




