सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ की वार्षिक आम सभा संपन्न, किसानों एवं वनोपज संग्रहकर्ताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु प्रभावी कार्ययोजना पर जोर

Last Updated on July 24, 2026 by Gopi Krishna Verma सहकारिता के माध्यम से कृषि, वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को मिलेगा बढ़ावा, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश गिरिडीह। नगर भवन, गिरिडीह में आज सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लिमिटेड, गिरिडीह की वार्षिक आम सभा का आयोजन उपायुक्त-सह-जिला…

Last Updated on July 24, 2026 by Gopi Krishna Verma

सहकारिता के माध्यम से कृषि, वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को मिलेगा बढ़ावा, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

गिरिडीह। नगर भवन, गिरिडीह में आज सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लिमिटेड, गिरिडीह की वार्षिक आम सभा का आयोजन उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में संघ के अंकेक्षण प्रतिवेदन, वार्षिक बजट, व्यय अनुमोदन, सेवा शर्तों, आय के नए स्रोतों के सृजन, सहकारी समितियों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण, बैंकिंग व्यवस्था, कृषि एवं वनोपज के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि सहकारिता केवल एक संस्था नहीं, बल्कि किसानों, वनोपज संग्रहकर्ताओं एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य किसानों एवं अनुसूचित जनजाति तथा ग्रामीण परिवारों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य उपलब्ध कराना तथा कृषि एवं वनोपज आधारित आजीविका को मजबूत करना होना चाहिए।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में उत्पादित धान, गेहूं, मड़ुआ, कोदो, सरगुजा, महुआ, करंज, हर्रा, बहेड़ा, आंवला, चिरौंजी, लाख, रेशम सहित अन्य कृषि एवं वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो तथा किसानों एवं वनोपज संग्रहकर्ताओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि संघ को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं तथा सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अंकेक्षण संबंधी आपत्तियों का समयबद्ध निष्पादन करते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने अधिकारियों एवं संघ के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए सदस्य समितियों की क्षमता वृद्धि, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आधुनिक विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादों के लिए स्थानीय स्तर के साथ-साथ राज्य एवं राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार ब्रांड निर्माण एवं विपणन तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

बैठक में संघ के वार्षिक बजट, व्यय अनुमोदन, कर्मचारियों की सेवा शर्तों, संघ का बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित किए जाने, सहकारी समितियों के आर्थिक विकास हेतु लक्ष्य निर्धारण तथा कृषि एवं वनोपज के मूल्य संवर्धन से संबंधित प्रस्तावों पर विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए। साथ ही संघ की भावी कार्ययोजना को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख एवं जनहितकारी बनाने पर भी बल दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सहकारिता आधारित विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसानों एवं वनोपज संग्रहकर्ताओं के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान संघ के कार्यों के सफल संचालन, सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने वाले पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं सदस्यों को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उपायुक्त ने सम्मानित व्यक्तियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं सदस्यों का सम्मान न केवल उनके कार्यों को मान्यता देता है, बल्कि अन्य लोगों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं सदस्यों से सहकारिता की भावना के अनुरूप समर्पण, पारदर्शिता एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी सहित संघ के पदाधिकारी, सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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