Last Updated on June 10, 2026 by Gopi Krishna Verma
31 सौ से अधिक महिला लाभुकों की आजीविका का आधार बना आम उत्पादन

गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी की अध्यक्षता में बुधवार को डीआरडीए सभागार में बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत आम उत्पादकों, एफपीओ, खरीदारों एवं संबंधित हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण बायर-सेलर मीट सह प्रदर्शनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में उत्पादित आम को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा किसानों एवं महिला लाभुकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था।

बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बैठक में उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी ने बताया कि झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में आम बागवानी विकसित की गई है। वर्तमान में जेएसएलपीएस से जुड़ी लगभग 3100 महिला लाभुक आम बागवानी से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इन महिलाओं एवं उनके परिवारों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण आधार आम उत्पादन है। योजना के माध्यम से न केवल हरित आवरण में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए आय का स्थायी स्रोत भी विकसित हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान आम उत्पादकों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित आमों का प्रदर्शन भी लगाया गया, जहां विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों एवं महिला समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में आम की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता एवं विपणन संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया, जिसकी उपस्थित खरीदारों एवं आगंतुकों ने सराहना की।
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार किए गए बागानों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब किसानों और महिला लाभुकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो। इसके लिए जिला प्रशासन किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। बायर-सेलर मीट का उद्देश्य उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

बैठक में विभिन्न खरीदारों, व्यापारियों, एफपीओ प्रतिनिधियों एवं आम उत्पादकों के बीच आम की खरीद-बिक्री, गुणवत्ता, पैकेजिंग, परिवहन तथा बाजार विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही उत्पादकों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन एवं विपणन रणनीति अपनाने के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई।कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आम बागवानी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें अपने उत्पादों के लिए नए खरीदारों से जुड़ने और बेहतर बाजार प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।




