Last Updated on August 5, 2026 by Gopi Krishna Verma
विकास कार्यों में शिथिलता पर होगी कठोर कार्रवाई, उपायुक्त ने प्रखंडवार समीक्षा कर दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित विकासात्मक एवं क्रियाशील योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा के क्रम में आज बेंगाबाद, पीरटांड़, बिरनी, सरिया, देवरी एवं तिसरी प्रखंडों में संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति, प्रगति, वित्तीय व्यय, लंबित कार्यों एवं क्रियान्वयन की गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तेज कुमार हांसदा, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रमुख, मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत राज स्वशासन परिषद के कनीय अभियंता, प्रभारी कनीय अभियंता तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 15वें वित्त आयोग की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना एवं जनसुविधाओं को सुदृढ़ बनाना है। इसलिए सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा, स्वीकृत मानकों एवं वित्तीय नियमों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचायत सचिवों एवं कनीय अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यक्तिगत उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता से समझौता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना का निष्पादन इस प्रकार हो कि उसका प्रत्यक्ष लाभ निर्धारित समय में आमजन तक पहुंचे।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें तथा नियमित स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी करें। साथ ही योजनाओं से संबंधित अभिलेखों का अद्यतन संधारण, वित्तीय प्रगति का सत्यापन तथा कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने सभी संबंधित प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 15वें वित्त आयोग की स्वीकृत योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि का समयबद्ध एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की राशि अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए तथा स्वीकृत योजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन कर उपलब्ध राशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। राशि के व्यय में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




