Last Updated on September 14, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) गिरिडीह ने सदर अस्पताल की ब्लड बैंक व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
अभाविप के अनुसार, 12 सितंबर को एक व्यक्ति अपने परिजन के लिए रक्त उपलब्ध कराने सदर अस्पताल आया था। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने रक्त के बदले में उससे पैसों की मांग की और पैसे लेने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर उपलब्ध रक्त मरीज को दे दिया। परिजनों का आरोप है कि ब्लड चढ़ाने के दौरान लगभग आधा ब्लड चढ़ने के बाद उसमें थक्का जमने लगा, जिससे मरीज की हालत अत्यंत गंभीर हो गई।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अभाविप के प्रदेश एसएफएस सह संयोजक अनीश रॉय ने कहा कि जीवनरक्षक सुविधाओं के नाम पर मरीजों और परिजनों से आर्थिक शोषण तथा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि मरीज को किस ग्रुप का रक्त दिया गया, क्रॉस-मैचिंग की प्रक्रिया कैसे हुई और थक्का जमने का वास्तविक कारण क्या था।
अभाविप ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो परिषद उग्र व लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी।
मौके पर कॉलेज उपाध्यक्ष मुन्ना पंडित, आकाश श्रीवास्तव, जय सिंह, सनी सिंह, हेमंत वर्मा और गौतम मिश्रा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।




