Last Updated on September 15, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के दशकर्म संस्कार के अवसर पर मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास उनके गिरिडीह स्थित आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दिवंगत नेता को याद करते हुए रघुवर दास ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असमय निधन झारखंड के राजनीतिक पटल के लिए एक कभी न पूरी होने वाली क्षति है। उन्होंने कहा, “अलग राजनीतिक विचारधारा और दल में होने के बावजूद हमारे बीच हमेशा सहज संवाद बना रहता था। सुदिव्य जी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे विपक्ष को भी साथ लेकर चलने की क्षमता रखते थे।”

विधानसभा के सत्रों और उनके राजनीतिक व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य बिंदु रेखांकित किए:
- सदन में बेबाक शैली: वे विधानसभा में सरकार का पक्ष अत्यंत मजबूती, तार्किकता और पूरी ताकत के साथ रखते थे।
- सवालों का कड़ा जवाब: विपक्ष द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों और सवालों का वे सदन में बेबाक और स्पष्ट अंदाज में जवाब देने के लिए जाने जाते थे।
- मुखर व्यक्तित्व: अपनी बात को बिना किसी झिझक के स्पष्ट रूप से रखना उनकी राजनीतिक पहचान का प्रमुख हिस्सा था।
रघुवर दास ने कहा कि सुदिव्य सोनू के चले जाने से राज्य की राजनीति में जो खालीपन आया है, उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। अंत में उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुखद और कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।




