Last Updated on September 15, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। संगठन ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी बैंक खातों से अवैध पैसे की निकासी जैसे संगीन आरोप लगाते हुए प्राचार्य एवं बर्सर के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, मामले की जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
साक्ष्य देने के बावजूद विश्वविद्यालय मौन
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने बताया कि गत 1 जुलाई 2026 को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति को साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत सौंपी गई थी। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया और जांच तक शुरू नहीं की गई। विश्वविद्यालय की इस चुप्पी से छात्रों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

आवाज दबाने और झूठी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप
जिला संयोजक नीरज चौधरी ने कॉलेज प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों और संगठन के कार्यकर्ताओं को दबाने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति भी नहीं दे रहा है, जो बेहद निंदनीय है।
3 दिनों का अल्टीमेटम, वरना भूख हड़ताल
प्रदेश एस.एफ.एस सह-संयोजक (झारखंड) अनीश रॉय ने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पठन-पाठन की स्थिति सुधारने और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की इस लड़ाई में उनका साथ दें। अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 3 दिनों के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मामले का संज्ञान लेकर वर्तमान प्राचार्य एवं बर्सर को पद से नहीं हटाया गया, तो विद्यार्थी परिषद भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक कार्यों या पठन-पाठन में कोई बाधा नहीं पहुंचाई जाएगी। इसके बावजूद प्राचार्य द्वारा अनुमति न देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
छात्रों और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी
प्रदर्शन में विभाग छात्रा प्रमुख अंजलि कुमारी, नगर सह मंत्री अभिजीत सिन्हा, कॉलेज मंत्री कृष पासवान, कॉलेज उपाध्यक्ष मुन्ना पंडित, दीपक वर्मा, विवेक तरवें (कला), कॉलेज सह मंत्री कृष्ण दास, प्रवीण स्वर्णकार, जय सिंह, अंजय साहू, प्रसिद्ध सिन्हा समेत अभाविप के कई सदस्य और भारी संख्या में छात्र शामिल रहे।




