Last Updated on September 25, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने क्षेत्र में जमकर उत्पाद मचाया। इस दौरान हाथी ने दो सगे भाइयों को कुचलकर गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा एक प्राथमिक विद्यालय के दरवाजे-खिड़कियां तोड़कर मिड-डे मील का अनाज नुकसान पहुंचाया।
अंधेरे का फायदा: शौच के लिए निकले भाइयों पर हमला
घटना बिरनी प्रखंड के बंगराकलाम गांव की है। गुरुवार रात करीब 2:00 बजे बंगराकलाम निवासी 65 वर्षीय बुधन यादव और 60 वर्षीय महादेव यादव शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। रात में बिजली न होने के कारण चारों तरफ गहरा अंधेरा पसरा हुआ था।
अंधेरे के कारण दोनों भाइयों को पास ही मौजूद जंगली हाथी नजर नहीं आया और वे उसकी चपेट में आ गए। हाथी ने दोनों भाइयों को पटककर कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुन पहुंचे ग्रामीण, धनबाद रेफर
पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े और शोर मचाकर हाथी को वहां से खदेड़ा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरनी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया है।
स्कूल के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ी, एमडीएम का चावल खाया
घटना के बाद भी हाथी का उत्पात जारी रहा। झुंड से बिछड़ा यह हाथी दलांगी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बेहराबाद पहुंच गया। वहां उसने स्कूल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। इसके अलावा, हाथी ने स्कूल में रखे मध्याह्न भोजन (MDM) के चावल को खा लिया और काफी मात्रा में अनाज खराब कर दिया।
ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे और सुरक्षा की मांग
लगातार हाथियों के गांवों में प्रवेश करने से क्षेत्र के लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को जल्द से जल्द सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।




