Last Updated on June 10, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। राष्ट्रीय सम्मान और नागरिक जागरूकता का एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। पुराने गिरिडीह रेलवे स्टेशन परिसर में लंबे समय से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) नहीं फहराए जाने के संबंध में नागरिकों द्वारा उठाई गई शिकायत पर रेलवे प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
ज्ञात हो कि स्टेशन परिसर में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज को लगभग एक माह पूर्व उतार लिया गया था, किंतु पुनः नहीं फहराए जाने के कारण स्थानीय नागरिकों एवं देशभक्त जनमानस में असंतोष व्याप्त था। इस संबंध में सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल द्वारा रेलवे प्रशासन के समक्ष दिनांक : 07 जून, 2026 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की।

पूर्व रेलवे, आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडल अभियंता (Sr. Divisional Engineer) द्वारा दिनांक : 09 जून, 2026 को जारी पत्र संख्या MORLY/E/2025/0027332 के माध्यम से सूचित किया गया है कि पुराने गिरिडीह रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रीय ध्वज को पुनः फहरा दिया गया है।
यह कार्रवाई न केवल राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सुनिश्चित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जनहित के मुद्दों पर नागरिकों की सजगता और प्रशासन की जवाबदेही मिलकर सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

सुनील कुमार खंडेलवाल ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई होना प्रत्येक नागरिक के लिए संतोष का विषय है।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि नागरिक अपने अधिकारों और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति सजग रहें तथा उचित मंचों पर अपनी बात रखें, तो जनहित से जुड़े विषयों का प्रभावी समाधान संभव है। “राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान, राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है।”




