Last Updated on July 25, 2026 by Gopi Krishna Verma
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने रेल मंत्री को भेजा पत्र

गिरिडीह। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान करोड़ों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचते हैं; लेकिन विडंबना यह है कि बाबा धाम के निकटवर्ती जिला गिरिडीह के श्रद्धालु आज भी सीधी रेल सेवा से वंचित हैं। इसे क्षेत्र की लगातार उपेक्षा बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने रेलवे मंत्रालय से गिरिडीह–देवघर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन तत्काल चलाने की मांग की है।
खंडेलवाल ने कहा है कि देश के विभिन्न राज्यों से बाबा धाम के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाती हैं, जबकि गिरिडीह, कोडरमा और आसपास के लाखों श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से कठिन एवं महंगी यात्रा करने के लिए विवश होना पड़ता है। यह स्थिति न केवल श्रद्धालुओं के लिए असुविधाजनक है, बल्कि क्षेत्रीय असमानता का भी परिचायक है।

मांग की गई है कि श्रावणी मेला अवधि में गिरिडीह–देवघर के बीच प्रतिदिन विशेष ट्रेन का संचालन किया जाए। साथ ही कोडरमा–महेशमुंडा पैसेंजर (53365/53366) का विस्तार मधुपुर तक कर सप्ताह के सातों दिन चलाया जाए।
खंडेलवाल ने अपने पत्र में आगे कहा कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और जनभावना से जुड़ा विषय है। यदि रेलवे प्रशासन शीघ्र निर्णय लेता है तो गिरिडीह, कोडरमा एवं आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं रेलवे बोर्ड से अपील की गई है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गिरिडीह–देवघर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की तत्काल घोषणा करें। श्रद्धालुओं का कहना है कि “जब देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों से बाबा धाम के लिए विशेष ट्रेनें चल सकती हैं, तो बाबा धाम के पड़ोसी जिले गिरिडीह के श्रद्धालुओं को यह सुविधा क्यों नहीं ?” यह समय केवल आश्वासन का नहीं, बल्कि निर्णय का है। गिरिडीह की वर्षों पुरानी इस जनभावना का सम्मान करते हुए रेलवे को अविलंब सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।

खंडेलवाल के पत्र पर अग्रेतर कार्रवाई हेतु इसे रत्नेश कुमार झा, कार्यकारी निदेशक, रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के पास अग्रसारित कर दिया गया है। व्यापक जनहित में खंडेलवाल ने भरोसा जताया है कि रेल प्रशासन जल्द ही इस विषय पर ठोस निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा।




