Last Updated on July 20, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह के विश्वविख्यात भारतीय शास्त्रीय संगीत साधक पंडित मनोज केडिया एवं पंडित मोर मुकुट केडिया को देश के प्रतिष्ठित पद्म सम्मान से अलंकृत किए जाने की मांग को लेकर भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री को शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने एक विस्तृत अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि केडिया बंधु पिछले लगभग 50 वर्षों से अपनी अद्वितीय सितार–सरोद जुगलबंदी के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा का देश-विदेश में गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, चीन, वियतनाम सहित अनेक देशों में भारतीय संस्कृति का सफल प्रतिनिधित्व किया है तथा वियतनाम के हनोई में अपनी “गोल्डन डुएट” प्रस्तुति के लिए एक्सीलेंस अवार्ड भी प्राप्त किया है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार के विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने व्यापक सराहना प्राप्त की है। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी उनकी संगीत साधना की व्यक्तिगत रूप से प्रशंसा की थी। इसके अतिरिक्त, भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए झारखंड सरकार द्वारा उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “झारखंड रत्न” से भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रेषित अनुरोध पत्र में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को नई पहचान दिलाने वाले इन दोनों महान कलाकारों को आज तक पद्म सम्मान से वंचित रखा जाना खेद का विषय है। इसलिए उनके आजीवन सांगीतिक योगदान, भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार में निभाई गई उनकी उल्लेखनीय भूमिका का समुचित सम्मान करते हुए उन्हें शीघ्र पद्म सम्मान प्रदान किया जाना चाहिए।

पत्र में यह भी कहा गया है कि केडिया बंधु को पद्म सम्मान मिलना केवल दो महान कलाकारों का सम्मान नहीं होगा, बल्कि संपूर्ण गिरिडीह, संपूर्ण झारखंड राज्य तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत की गौरवशाली परंपरा का राष्ट्रीय सम्मान होगा। इससे युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत के प्रति समर्पण एवं उत्कृष्टता की प्रेरणा मिलेगी।
खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत सरकार इन दोनों महान कलाकारों की आजीवन साधना एवं राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें शीघ्र ही पद्म सम्मान से अलंकृत करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।




