Last Updated on June 19, 2026 by Gopi Krishna Verma
‘करें योग, रहें निरोग’ के संदेश के साथ जिला प्रशासन ने शुरू किया योग दिवस पूर्वाभ्यास अभियान

गिरिडीह। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के सफल आयोजन को लेकर आज गिरिडीह स्टेडियम में योग पूर्वाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त रामनिवास यादव के नेतृत्व में जिले के वरीय अधिकारियों एवं कर्मियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, IAS प्रशिक्षु, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया तथा योग के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा जीवन में अनुशासन एवं संतुलन का विकास होता है। उपायुक्त ने जिलेवासियों से आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने तथा योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वहीं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि योग स्वस्थ एवं समृद्ध समाज की आधारशिला है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपने जीवन को अधिक संतुलित, ऊर्जावान एवं निरोग बना सकता है।

साथ ही उन्होंने युवाओं एवं आमजन से योग को अपनाने तथा इसके लाभों को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। पूर्वाभ्यास कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।




