Last Updated on August 6, 2026 by Gopi Krishna Verma
जिले के सभी शिक्षण संस्थान यह सुनिश्चित करें कि उनके यहां अध्ययनरत कोई भी पात्र छात्र-छात्रा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे

गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, प्लस-टू विद्यालयों, शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के Electoral Literacy Club (ELC) के नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) की प्रगति की समीक्षा की तथा युवा मतदाताओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिले के सभी शिक्षण संस्थान यह सुनिश्चित करें कि उनके यहां अध्ययनरत कोई भी पात्र छात्र-छात्रा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि 05 अगस्त 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची का व्यापक स्तर पर अवलोकन कराया जाए तथा जिन विद्यार्थियों का नाम सूची में दर्ज नहीं है और जो 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, उनका नियमानुसार मतदाता सूची में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।

उप विकास आयुक्त ने ELC नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने संस्थानों में मतदाता जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाएं तथा छात्र-छात्राओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं दावा-आपत्ति की समय-सीमा की विस्तृत जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने की दिशा में मिशन मोड में कार्य करें। बैठक के दौरान सभी नोडल पदाधिकारियों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
साथ ही संस्थानों से नामांकित विद्यार्थियों की कुल संख्या, 18 वर्ष पूर्ण कर चुके अथवा 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या, प्रारूप मतदाता सूची में शामिल विद्यार्थियों की संख्या तथा शेष पात्र विद्यार्थियों के पंजीकरण की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।आगे उप विकास आयुक्त ने कहा कि Electoral Literacy Club (ELC) केवल मतदाता जागरूकता का मंच नहीं, बल्कि युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। सभी नोडल पदाधिकारी अपने संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, संवाद एवं विशेष अभियान संचालित कर अधिकाधिक पात्र विद्यार्थियों का मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी शिक्षण संस्थान जिला निर्वाचन शाखा के साथ सतत समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराएं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र युवा मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे तथा आगामी निर्वाचन प्रक्रिया में उसकी प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित हो।
बैठक में अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी पायल राज सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, प्लस-टू विद्यालयों, शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के Electoral Literacy Club (ELC) के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।




