Last Updated on June 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
राज्यसभा नामांकन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज, रालोजपा ने मंत्री से माफी मांगने की मांग की

गिरिडीह। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिमल नाथवानी के नामांकन के बाद भाजपा विधायकों, खासकर महिला विधायकों को लेकर दिए गए मंत्री के बयान की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) ने कड़ी निंदा की है।

रालोजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राज ने मंत्री इरफान अंसारी के बयान को महिलाओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन महिला विधायकों की भावनाओं और चरित्र को लेकर टिप्पणी करना बेहद आपत्तिजनक है।

राजकुमार राज ने कहा कि मंत्री ने जिस तरह से यह टिप्पणी की कि “परिमल नाथवानी के नामांकन के बाद महिला विधायकों के चेहरे पर खुशी और चमक देखने लायक थी, मन में लड्डू फूट रहे थे, घर पर मिठाई पहुंचना तो तय है, इसी लिए खुशी छुपाए नहीं छुप रही”— यह बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।उन्होंने कहा कि निर्वाचित महिला विधायक अपनी राजनीतिक समझ और विवेक के आधार पर फैसले लेने में सक्षम हैं। किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है।

रालोजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष के एक जिम्मेदार मंत्री से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अपने बयान को वापस लेते हुए महिला विधायकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप हो सकते हैं, लेकिन महिलाओं के सम्मान को राजनीतिक बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। रालोजपा ऐसे बयानों का विरोध करती है और भविष्य में सभी दलों के नेताओं से मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की अपील करती है।




