Last Updated on June 1, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में माननीय राज्यसभा सांसद , माननीय विधायक, जमुआ विधानसभा क्षेत्र, अध्यक्ष जिला परिषद् मुनिया देवी, महापौर, गिरिडीह नगर निगम, प्रतिनिधि, माननीय मंत्री, पर्यटन कला-संस्कृति खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग, झारखण्ड सरकार, सांसद प्रतिनिधि, कोडरमा लोकसभा क्षेत्र, विधायक प्रतिनिधि, गांडेय विधानसभा क्षेत्र, विधायक प्रतिनिधि, बगोदर विधानसभा क्षेत्र, विधायक प्रतिनिधि, डुमरी विधानसभा क्षेत्र एवं विधायक प्रतिनिधि, धनवार विधानसभा क्षेत्र समेत उप विकास आयुक्त, उप नगर आयुक्त, गिरिडीह, पुलिस उपाधीक्षक, जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता, NREP, कार्यपालक अभियंता, विशेष प्रमंडल सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

उक्त बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त रामनिवास द्वारा जिले में अधिसूचित पर्यटन स्थलों, उनकी वर्तमान स्थिति, पर्यटन संभावनाओं तथा पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही जिले में पर्यटन विकास को गति देने, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
साथ ही अनुशंसित पर्यटन स्थलों को विभिन्न श्रेणियों में अधिसूचित करने हेतु प्रस्ताव पर्यटन विभाग, झारखंड सरकार को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में जिले के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न पर्यटन स्थलों को ‘डी’ श्रेणी से उन्नयन कर ‘सी’ श्रेणी में अधिसूचित करने की अनुशंसा करने का निर्णय लिया गया।

उक्त बैठक में गिरिडीह जिलान्तर्गत बी श्रेणी में अधिसूचित पर्यटन स्थल की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्ता को देखते हुए इसके समग्र एवं विस्तृत विकास हेतु कंसल्टेंट के माध्यम से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराए जाने तथा आवश्यक अनुशंसा पर्यटन विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त, पूर्व में पर्यटन विभाग को प्रेषित ऐसे पर्यटन स्थलों, जिन्हें अब तक अधिसूचित नहीं किया गया है, उनके संबंध में पुनः प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया, ताकि उन्हें अधिसूचना की प्रक्रिया में शामिल कराया जा सके। पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के प्रमुख मार्गों तथा पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले संपर्क मार्गों पर पर्यटन संकेतक पट्ट (Tourism Signage) स्थापित किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

उक्त बैठक में उपस्थित सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा जिले में पर्यटन विकास, आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण तथा नए पर्यटन स्थलों के संवर्द्धन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिन पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने तथा स्वीकृत प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।




