Last Updated on August 27, 2026 by Gopi Krishna Verma
बेंगाबाद के बदवारा पंचायत के हथबोर बुधवार को पहुंची थी सीआईडी

गिरिडीह। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) पेपर लीक मामले में CID की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी के करीबी रिश्तों व नेटवर्क पर टिक गई है। इसी सिलसिले में CID की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार दोपहर बेंगाबाद प्रखंड के हाथबोर गांव पहुंचकर अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय से करीब एक घंटे तक सघन पूछताछ की।
जांच का मुख्य केंद्र और कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- दोबारा पहुंची CID टीम: इंस्पेक्टर कृष्णकांत पांडा के नेतृत्व में पहुंची CID टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से हाथबोर गांव में दबिश दी। इससे पहले भी CID विकास पांडेय को पूछताछ के लिए रांची ले जा चुकी है, जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।


- मास्टरमाइंड का नेटवर्क खंगालने की कोशिश: पूछताछ के दौरान CID ने अभय तिवारी की गतिविधियों, उसके संपर्क में रहने वाले संदिग्ध लोगों और संभावित ठिकानों के संबंध में कई अहम जानकारियां जुटाईं।
- कानूनी शिकंजा: यह कार्रवाई अपराध अनुसंधान विभाग (CID) थाना कांड संख्या 01/2025 (दिनांक 01/01/2025) के तहत की जा रही है। इसमें बीएनएसएस (BNSS) की सुसंगत धाराओं 316(2)/318(2), 318(4)/61(2) और झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धारा 12(2)/12(3) के तहत मामला दर्ज है।
पेपर लीक कांड में मुख्य आरोपी के रिश्तेदारों से लगातार हो रही पूछताछ से यह साफ है कि CID इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए कानूनी कार्रवाई और कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है।




