नशा मुक्त समाज के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, 15 से 26 जून तक चलेगा व्यापक जन-जागरूकता अभियान

Last Updated on June 12, 2026 by Gopi Krishna Verma युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए प्रशासन की पहल, गीत-नाट्य/नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजनों को किया जा रहा जागरूक गिरिडीह। झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के निर्देशानुसार जिले में 15 जून 2026 से 26 जून…

Last Updated on June 12, 2026 by Gopi Krishna Verma

युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए प्रशासन की पहल, गीत-नाट्य/नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजनों को किया जा रहा जागरूक

गिरिडीह। झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के निर्देशानुसार जिले में 15 जून 2026 से 26 जून 2026 तक मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त रामनिवास यादव द्वारा पत्र प्रेषित कर सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि अभियान अवधि के दौरान जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शैक्षणिक संस्थानों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

अभियान के तहत गीत-नाट्य, नुक्कड़-नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आमजनों, विशेषकर युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु लोगों को प्रेरित किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

“नशा छोड़ें, जीवन से नाता जोड़ें”— RESIST अभियान के तहत जन-जागरूकता का संदेश

उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार जिले में नशा मुक्ति एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। झारखंड सरकार के RESIST (Reducing Substance Ingestion and Stopping Trafficking) अभियान के तहत आमजनों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों में अनिद्रा, अत्यधिक या कम भूख लगना, शारीरिक कमजोरी, असामान्य व्यवहार, चिड़चिड़ापन, अवसाद, एकाग्रता में कमी तथा सामाजिक गतिविधियों से दूरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे संकेतों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जागरूकता संदेश के माध्यम से यह भी बताया जा रहा है कि नशीले पदार्थों का सेवन छोड़ चुके व्यक्तियों के प्रति समाज में किसी प्रकार का भेदभाव, तिरस्कार या पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिए। नशा मुक्ति की राह पर आगे बढ़ रहे लोगों को सहयोग, सम्मान और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सामाजिक समर्थन और पारिवारिक सहयोग से ऐसे व्यक्तियों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे सामान्य जीवन की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से लौट पाते हैं।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहें तथा जरूरतमंद लोगों को उचित परामर्श एवं सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। किसी भी प्रकार की सहायता अथवा परामर्श के लिए MANAS हेल्पलाइन 1933, नशा मुक्ति टोल फ्री नंबर 14446 तथा आपातकालीन सहायता नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें — स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।”

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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