Last Updated on August 6, 2026 by Gopi Krishna Verma
धान पर ₹73 हजार व मकई पर ₹45 हजार प्रति हेक्टेयर मिलेगा बीमित राशि

गिरिडीह। खरीफ मौसम-2026 के दौरान अधिक से अधिक किसानों को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) से जोड़ने तथा योजना के प्रति व्यापक जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी अश्विनी ओझा ने संयुक्त रूप से समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि कृषि प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे में किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव एवं पंचायत स्तर तक पहुंचकर किसानों को योजना की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा निर्धारित अवधि के भीतर अधिकाधिक किसानों का बीमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान नामांकन करा सकते हैं। किसानों को मात्र ₹1 के सांकेतिक प्रीमियम पर अधिसूचित फसलों का बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है तथा ₹1 के अतिरिक्त किसी प्रकार का अन्य शुल्क देय नहीं है।

उप विकास आयुक्त ने बताया कि गिरिडीह जिला में खरीफ-2026 के लिए अगहनी धान एवं भदई मक्का अधिसूचित फसलें हैं। योजना के अंतर्गत गिरिडीह जिले में अगहनी धान के लिए प्रति हेक्टेयर ₹73,209 तथा भदई मक्का के लिए ₹45,640 तक की बीमित राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय रहते योजना का लाभ लेकर अपनी फसल को प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षित करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को बीमा की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, नामांकन की अंतिम तिथि, फसल क्षति की सूचना देने की प्रक्रिया तथा दावा निपटान संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। किसान निकटवर्ती बैंक, सहकारी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, बीमा कंपनी के कार्यालय अथवा PMFBY पोर्टल के माध्यम से भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
जिला सहकारिता पदाधिकारी अश्विनी ओझा ने बताया कि योजना के तहत बुआई नहीं होने की स्थिति, व्यापक प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति, फसल कटाई प्रयोग के आधार पर उपज में कमी तथा कटाई उपरांत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति जैसे जोखिमों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शामिल किया गया है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि फसल को किसी प्रकार की क्षति होती है तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित बैंक, CSC अथवा अन्य निर्धारित माध्यमों से इसकी सूचना अवश्य दें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, कृषि पदाधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि जिले का कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
खरीफ-2026 में ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। किसान द्वारा देय सांकेतिक प्रीमियम मात्र ₹1, इसके अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क देय नहीं।
गिरिडीह जिले के लिए अधिसूचित फसलें अगहनी धान एवं भदई मक्का
अगहनी धान हेतु बीमित राशि ₹73,209 प्रति हेक्टेयर एवं भदई मक्का हेतु ₹45,640 प्रति हेक्टेयर। प्राकृतिक आपदा, प्रतिकूल मौसम, बुआई विफलता, उपज में कमी एवं कटाई उपरांत क्षति जैसी परिस्थितियों में योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा सुरक्षा। किसान बैंक, CSC, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, PMFBY पोर्टल एवं बीमा कंपनी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना संबंधी जानकारी एवं शिकायत के लिए कृषि सहायता हेल्पलाइन 14447 भी उपलब्ध है। इस अवसर पर कृषि विभाग के पदाधिकारी, संबंधित अधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।




