Last Updated on July 31, 2026 by Gopi Krishna Verma

नवडीहा। शुक्रवार को एसओई युपीजी प्लस टू उच्च विद्यालय शहरपुरा में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान प्रधानाचार्य अमित त्रिपाठी ने कहा कि कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद (31 जुलाई 1880 – 8 अक्टूबर 1936) हिंदी और उर्दू के महान लेखक थे, जिनका वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। उन्हें समाज के वास्तविक चित्रों, किसानों और गरीबों की पीड़ा को अपनी रचनाओं में स्थान देने के लिए जाना जाता है।

वहीं हिंदी टीजीटी शिक्षक सह कवि नेतलाल यादव ने कहा कि उनकी प्रमुख रचनाओं में उपन्यास में गोदान, गबन, निर्मला, सेवासदन, कर्मभूमि और रंगभूमि तथा कहानियों में कफ़न, पूस की रात, ईदगाह, पंच परमेश्वर और दो बैलों की कथा सहित तीन सौ से अधिक कहानियां ‘मानसरोवर’ में संकलित है। कहा उन्होंने जीवन की शुरुआती लेखन ‘नवाब राय’ नाम से उर्दू में किया था। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रेरित होकर सरकारी नौकरी छोड़ी। भारतीय समाज की कुरीतियों और शोषण के खिलाफ मुखर होकर लिखा। इस दौरान पवन वर्मा, बिनोद महतो, प्रवीण वर्मा, देवेन्द्र वर्मा, साज़िद हुसैन, जेई दिनेश कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।




