Last Updated on July 20, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के आह्वान पर रविवार को गिरिडीह के झंडा मैदान से सोनम बगचुन की मांगों के समर्थन एवं “शिक्षा बचाओ–भविष्य बचाओ” अभियान को लेकर एक विशाल, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक जन-जुलूस एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष आकाश विश्वकर्मा ने की।
इस अवसर पर केंद्रीय संयुक्त महासचिव नागेंद्र चंद्रवंशी एवं महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुनीता सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
पदयात्रा में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जन-जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जहां प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को जनता के समक्ष रखा तथा शिक्षा, न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों का पूरी तरह पालन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सोनम बगचुन की मांगें केवल एक व्यक्ति का विषय नहीं, बल्कि न्याय, अधिकार और जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और बढ़ते व्यावसायीकरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है कि वह शिक्षा को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करे।
केंद्रीय संयुक्त महासचिव नागेंद्र चंद्रवंशी का बयान नागेंद्र चंद्रवंशी ने कहा,”शिक्षा किसी सरकार, राजनीतिक दल, जाति या धर्म की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। जब शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की शिकार होती है, तब सबसे अधिक नुकसान गरीब, वंचित एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों का होता है। हमारा यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के सुरक्षित भविष्य की रक्षा का जनआंदोलन है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर न्याय नहीं मिलता, तब तक हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।”

नगर अध्यक्ष आकाश विश्वकर्मा ने कहा, “यह जन-जुलूस एवं पदयात्रा केवल विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और जन एकजुटता का सशक्त प्रतीक है। युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अब शिक्षा, न्याय और जनहित के मुद्दों पर किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा में रहकर जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।”
इस अवसर पर अर्जुन पंडित, सुभाष यादव, अशोक यादव, बसंत दादा, मिहिर चंद्रवंशी, वतन साहू, सुरेंद्र यादव, मुकेश यादव, सिद्धार्थ, रंजन दादा, जीतू पंडित जी, रंजीत यादव (पूर्वी क्षेत्र प्रखंड अध्यक्ष), जमुना जी, संतोष यादव, जितेंद्र सिंह (जिला प्रवक्ता), अमित महतो (जमुआ), सादिक मुखिया, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनीता सिंह तथा शैलेश सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि न्याय, शिक्षा, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा का साझा जनसंकल्प है।
सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि शिक्षा पर होने वाले अन्याय, भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण मुद्दे पर लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष निरंतर जारी रखा जाएगा।




