Last Updated on June 17, 2026 by Gopi Krishna Verma
धनवार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना एक अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक पहल है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई शुरुआत है: उपायुक्त

गिरिडीह। गिरिडीह जिले के धनवार प्रखंड में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक शुरुआत करते हुए केंद्रीय विद्यालय धनवार के संचालन का विधिवत शुभारंभ एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री एवं कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी तथा उपायुक्त रामनिवास यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। समारोह के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए अतिथियों ने उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और उत्कृष्टता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से धनवार एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा: अन्नपूर्णा देवी
मुख्य अतिथि अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है। धनवार में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर अवसर प्रदान करेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिलेगी। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से धनवार एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

धनवार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना एक अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक पहल है: उपायुक्त
इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि धनवार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना एक अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल विद्यालय का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रारंभ किया गया है, जबकि आगामी दो वर्षों के भीतर विद्यालय का अपना भव्य एवं अत्याधुनिक भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि नामांकन प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों, इसकी व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी जिले के समग्र विकास का आधार होती है और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।




