Last Updated on August 27, 2026 by Gopi Krishna Verma

जमुआ। प्रकृति के अचानक बदले मिजाज और एक ही पल की आकाशीय बिजली ने कटहरियाटांड़ गांव के एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। हीरोडीह थाना क्षेत्र के कटहरिया टांड़ में गुरुवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे में 36 वर्षीय सोनी देवी की जान चली गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझाया है, बल्कि चार मासूम बच्चों के सिर से मां का आंचल भी सदा के लिए छीन लिया है।
मवेशी चराते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रंजीत यादव की पत्नी सोनी देवी रोजाना की तरह गांव के पुराने स्कूल के पास खाली मैदान में अपने मवेशी चरा रही थीं। दोपहर में अचानक मौसम बदला और तेज चमक के साथ कड़कड़ाती हुई बिजली सीधे सोनी देवी पर आ गिरी। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या मदद के लिए दौड़ते, वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं।
स्थानीय लोग आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस पुष्टि के साथ ही अस्पताल परिसर और गांव में चीख-पुकार मच गई।

मासूमों के आंसुओं से गमगीन हुआ पूरा गांव
सोनी देवी अपने पीछे चार छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। मां के असमय चले जाने से बेखबर और बदहवास बच्चों के रोने-बिलखने का दृश्य देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। गांव में चूल्हे तक नहीं जले और हर कोई पीड़ित रंजीत यादव और उनके बच्चों को ढांढस बंधाने में जुटा रहा।
घटना की सूचना मिलते ही प्रमुख प्रतिनिधि संजीत यादव, मुखिया प्रदीप सिंह, पंसस अंजन सिन्हा, समाजसेवी पंकज यादव, पूर्व मुखिया तूफानी सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
त्वरित आपदा मुआवजे की मांग
हादसे की जानकारी मिलते ही हीरोडीह थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया।
घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जमुआ अंचल अधिकारी (सीओ) व जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन कोष से तत्काल उचित मुआवजा और सहायता राशि उपलब्ध कराने की जोरदार मांग की है, ताकि अनाथ हुए चारों बच्चों के पालन-पोषण में कुछ सहारा मिल सके।




