Last Updated on August 27, 2026 by Gopi Krishna Verma
आज शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह पांच बजे तक बंद रहेगा वाहनों का आवाजाही

गिरिडीह। हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को देखते हुए गिरिडीह प्रशासन ने एक अनुकरणीय पहल की है। बराकर नदी से पवित्र जल उठाकर दुखिया महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के पैदल पथ को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन का यह फैसला केवल एक यातायात निर्देश नहीं, बल्कि जलार्पण के लिए निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा का आश्वासन है।
आस्था के मुख्य मार्ग पर रहेगा पहरा
अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल दण्डाधिकारी द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पपरवाटॉड, बड़ा चौक, बरवाडीह और अजीडीह मार्ग पर रातभर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यातायात का समय चक्र
- प्रतिबंध की शुरुआत: 27 अगस्त 2026 (संध्या 6:00 बजे से)
- प्रतिबंध की समाप्ति: 28 अगस्त 2026 (प्रातः 5:00 बजे तक)
प्रशासन की प्राथमिकता: ‘शून्य असुविधा’
‘धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गिरिडीह और आसपास के पड़ोसी जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस व यातायात बल को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नो-एंट्री के दौरान रूट डाइवर्जन से लेकर पैदल मार्ग की निगहबानी इस तरह हो कि श्रद्धालुओं की पवित्र यात्रा में कोई विघ्न न आए।
शहरवासियों से भी अपील की गई है कि वे इस समयावधि में निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें और श्रद्धालुओं के इस पावन सफर को सुरक्षित बनाने में सहयोग दें।




