Last Updated on August 27, 2026 by Gopi Krishna Verma
गिरिडीह की 4.57 लाख महिलाओं के खाते में ₹114.35 करोड़ अंतरित

गिरिडीह। रक्षाबंधन के पावन पर्व के पूर्व गिरिडीह जिले की बहनों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अगस्त माह की सम्मान राशि का उपहार मिला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं माननीय मंत्री सुदिव्य कुमार की सराहनीय पहल के फलस्वरूप जिले की 4,57,400 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में प्रति लाभुक ₹2,500 की दर से कुल ₹1,14,35,00,000 (114.35 करोड़ रुपये) की राशि आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अंतरित की गई है।
प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रवार लाभुकों की स्थिति
गिरिडीह जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। जमुआ प्रखंड में सर्वाधिक 53,776 लाभुक महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। वहीं धनवार में 47,819, डुमरी में 41,370 तथा गिरिडीह प्रखंड में 40,229 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि अंतरित की गई है। इसी क्रम में बिरनी प्रखंड की 35,407, देवरी की 34,279, गांडेय की 32,503, बगोदर की 31,942 तथा बेंगाबाद की 28,805 लाभुक महिलाओं को अगस्त माह की सम्मान राशि प्राप्त हुई है।

गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में 27,741, सरिया प्रखंड में 25,518, गांवा में 21,350 तथा पीरटांड़ में 18,473 लाभुक महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया है। इसके अतिरिक्त तिसरी प्रखंड की 13,582, सरिया नगर पंचायत की 2,457 तथा धनवार नगर पंचायत की 2,149 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में भी निर्धारित सम्मान राशि अंतरित की गई है। इस प्रकार जिले के सभी संबंधित प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 4,57,400 लाभुक महिलाओं को अगस्त 2026 की सम्मान राशि का लाभ प्राप्त हुआ है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। रक्षाबंधन जैसे विशेष अवसर से पूर्व सम्मान राशि का भुगतान जिले की लाखों बहनों के लिए आर्थिक संबल के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी लेकर आया है। जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से पात्र लाभुकों तक पहुंचे।




