विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त

Last Updated on September 16, 2026 by Gopi Krishna Verma एक नज़र: गिरिडीह। जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने तकनीकी पदाधिकारियों एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा…

Last Updated on September 16, 2026 by Gopi Krishna Verma

एक नज़र:

  • गिरिडीह जिला प्रशासन ने SCA, DMFT व अन्य योजनाओं की समीक्षा बैठक की
  • उपायुक्त रामनिवास यादव ने लंबित विकास परियोजनाओं को तय सीमा में पूरा करने के दिए सख्त निर्देश
  • निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण के भी आदेश जारी

गिरिडीह। जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने तकनीकी पदाधिकारियों एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में SCA, DMFT, अनटाइड फंड (Untied Fund) तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित एवं अपूर्ण योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

“विभिन्न मदों के तहत स्वीकृत योजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण करना है। इसलिए कार्यों के क्रियान्वयन में समयबद्धता के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि आमजनों को इसका लाभ समय पर मिल सके।” — रामनिवास यादव, उपायुक्त, गिरिडीह

बैठक के प्रमुख बिंदु एवं निर्देश

  • पूर्ण योजनाओं का जल्द हो निष्पादन: वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनसे जुड़ी कागजी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं अविलंब पूरी की जाएं।
  • बाधाओं को दूर करने के लिए समन्वय: जिन लंबित परियोजनाओं में तकनीकी, प्रशासनिक या भूमि संबंधी समस्याएं आ रही हैं, संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर उनका शीघ्र समाधान निकालें।
  • नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण: उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि योजनाओं का नियमित स्थल निरीक्षण (Field Inspection) कर वास्तविक प्रगति का अनुश्रवण करें।
  • लक्षित लाभुकों तक पहुंचे लाभ: प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के लक्षित क्षेत्रों और जरूरतमंदों तक पहुंचे।

बैठक में गिरिडीह जिले के संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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