Last Updated on September 18, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह (झारखंड)। हजारीबाग और गिरिडीह जिले के बीच बीते आठ वर्षों से चल रहा एक प्रेम-प्रसंग आखिरकार विवाह के मंडप तक पहुंच गया। हालांकि, शादी के बाद परिजनों के गुस्से और संभावित खतरे को देखते हुए नवविवाहित जोड़े को अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
मामला गिरिडीह के नगर पंचायत स्थित राजाटोला निवासी 24 वर्षीय नीरज कुमार राम और हजारीबाग जिले के चलकुसा थाना अंतर्गत खारी गांव की 23 वर्षीय अमीषा कुमारी से जुड़ा है। दोनों पिछले आठ सालों से एक-दूसरे से प्यार करते थे।

मर्जी के खिलाफ शादी का था दबाव
युवती अमीषा कुमारी के अनुसार, उसके पिता उसकी मर्जी के बिना किसी अन्य युवक से विवाह करने का दबाव बना रहे थे। परिजनों के इस लगातार दबाव से परेशान होकर वह दो दिन पूर्व अपने घर से निकलकर राजधनवार पहुँची। इसके बाद दोनों प्रेमियों ने अपनी स्वेच्छा से एक स्थानीय मंदिर में पूरे रीति-रिवाजों के साथ शादी रचा ली।
थाना पहुंच लगाई सुरक्षा की गुहार, पिता पर जताया हत्या का अंदेशा
शादी के बाद गुरुवार को नवविवाहित जोड़ा धनवार थाना पहुंचा और पुलिस को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की। अमीषा ने पुलिस को बताया कि उसने बिना किसी बाहरी दबाव के अपनी इच्छा से नीरज के साथ कदम बढ़ाया है और वह उसी के साथ रहना चाहती है।
आवेदन में युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए आशंका जताई कि यदि उसे जबरन उसके पिता के घर भेजा गया, तो उसके परिजन उसकी जान ले सकते हैं।

चलकुसा पुलिस ले गई साथ
मामले में मोड़ तब आया जब पता चला कि युवती के अचानक लापता होने पर उसके पिता ने हजारीबाग के चलकुसा थाने में प्रेमी नीरज कुमार राम के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
धनवार थाने में प्रेमी जोड़े के मौजूद होने की सूचना मिलते ही चलकुसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई और मामले की आगे की छानबीन के तहत नवविवाहित जोड़े को हिरासत/सुरक्षा में लेते हुए अपने साथ चलकुसा ले गई है।




