Last Updated on September 23, 2026 by Gopi Krishna Verma
गिरिडीह स्टेडियम के पास क्षतिग्रस्त और संकरे मार्ग से हादसे की बनी रहती है आशंका; आवेदक सुनील खंडेलवाल ने कहा— “दुर्घटना होने का न हो इंतजार, फाइलों से निकल जमीन पर दिखे कार्रवाई”

गिरिडीह। गिरिडीह–डुमरी मुख्य मार्ग (NH-114A) पर योगीटांड़, गिरिडीह स्टेडियम के समीप पिछले दो वर्षों से जर्जर व संकरी बनी सड़क का मामला अब गरमाने लगा है। मामले में गिरिडीह निवासी सुनील खंडेलवाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसे संबंधित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) कार्यालय को हस्तांतरित कर दिया है।
NHAI परियोजना निदेशक कार्यालय (धनबाद) द्वारा जारी पत्र में संबंधित विभाग से अनुरोध किया गया है कि वे मामले की जांच कर सीधे आवेदक को जवाब उपलब्ध कराएं और एक प्रति NHAI को भी भेजें।
CCL का स्पष्टीकरण: ‘रखरखाव NHAI का काम’
सड़क की स्थिति पर पूर्व में कोयला मंत्रालय से भी शिकायत की गई थी। इसके जवाब में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL), गिरिडीह ने 16 सितंबर को स्पष्ट किया कि सड़क भले ही उनके लीज-होल्ड क्षेत्र से गुजरती है, लेकिन इसका निर्माण और रखरखाव NHAI के अधीन है। CCL ने अपने लीगल माइनिंग क्षेत्र से किसी भी प्रकार के भू-धसान (Subsidence) से इनकार किया है।

“हादसा होने के बाद जांच का क्या फायदा?”
शिकायतकर्ता सुनील खंडेलवाल ने NHAI के इस कदम को प्रशासनिक प्रक्रिया की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह मामला केवल कागजी पत्राचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
“NH-114A कोई सामान्य ग्रामीण सड़क नहीं, बल्कि एक व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन, बसें और दोपहिया गाड़ियां यहां से गुजरती हैं। किसी बड़े हादसे के बाद जांच या मुआवजे की जगह प्रशासन को दुर्घटना से पहले रोकथाम के उपाय करने चाहिए।” — सुनील खंडेलवाल, शिकायतकर्ता
प्रमुख मांगें:
- तत्काल तकनीकी निरीक्षण: योगीटांड़ स्थित क्षतिग्रस्त हिस्से का विशेषज्ञ टीम से सर्वे कराया जाए।
- स्थायी पुनर्निर्माण: क्षति के वास्तविक कारणों का पता लगाकर मजबूत व गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो।
- अंतरिम सुरक्षा उपाय: जब तक स्थायी कार्य पूरा नहीं होता, तब तक मौके पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और रात में रोशनी का पर्याप्त प्रबंध किया जाए।
- यातायात प्रबंधन: भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए तुरंत ट्रैफिक पुलिस की तैनाती या सुगम व्यवस्था की जाए।
- समयबद्ध कार्रवाई: पूरे कार्य के लिए एक निश्चित समयसीमा तय कर सार्वजनिक की जाए।
NHAI के इस कदम के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों को उम्मीद है कि विभाग अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई करेगा, ताकि लंबे समय से मंडरा रहे दुर्घटना के खतरे को स्थायी रूप से खत्म किया जा सके।




