Last Updated on October 8, 2026 by Gopi Krishna Verma
किसानों के बीच ‘गोबर मैन’ के नाम से मशहूर थे हेमलाल महतो

गिरिडीह। जमुआ प्रखंड की सियाटांड़ पंचायत स्थित गोल्हैया गांव निवासी समाजसेवी, प्रशिक्षक एवं प्रगतिशील किसान हेमलाल महतो (66 वर्ष) का बुधवार शाम निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी और चार पुत्रों (जयदेव प्रसाद वर्मा, सूर्यदेव प्रसाद वर्मा, पवन वर्मा एवं रोहित वर्मा) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
गरीबी में बीता बचपन, समाजसेवा को बनाया लक्ष्य
वर्ष 1960 में एक गरीब किसान परिवार में जन्मे हेमलाल महतो ने बेहद कठिनाइयों के बीच अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। बचपन से ही ग्रामीण समस्याओं को करीब से देखने के कारण उन्होंने अपना जीवन समाजसेवा और किसानों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। संयुक्त बिहार-झारखंड के समय वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और तत्कालीन कोडरमा सांसद रीतलाल प्रसाद वर्मा के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई। कुशवाहा समाज के माध्यम से उन्होंने दहेज प्रथा, बाल विवाह और सामाजिक शोषण जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई।
रेशम उद्योग और महिला सशक्तिकरण
वर्ष 1990-95 के दौरान उन्होंने ‘ग्राम भारती’ नामक संस्था की शुरुआत की। इसके जरिए सैकड़ों महिलाओं को रेशम कीट पालन और रेशम वस्त्र निर्माण का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया।
जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण
कीटनाशक दवा खाने से अपनी बकरी की मौत की घटना से प्रभावित होकर उन्होंने रासायनिक मुक्त खेती की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने स्थानीय पेड़-पौधों, फूलों और पत्तियों से जैविक कीटनाशक तैयार किए तथा केंचुआ खाद के प्रयोग को बढ़ावा दिया। मटके से टपकन सिंचाई की तकनीक का प्रयोग कर उन्होंने बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में सफलता हासिल की।

‘गोबर मैन’ के रूप में मिली पहचान और सम्मान
- श्रेष्ठ किसान पुरस्कार (2019): तत्कालीन झारखंड कृषि मंत्री रणधीर सिंह द्वारा सम्मानित।
- झारखंड स्टार्टअप पुरस्कार (2020): ₹75,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित।
- संस्थागत सहयोग: एचडीएफसी बैंक ‘परिवर्तन’ कार्यक्रम (2022-23) से ₹15 लाख और मैथन विद्युत लिमिटेड से ₹10 लाख का सहयोग मिला।
- IIT-ISM धनबाद से जुड़ाव: धनबाद के वैज्ञानिकों के साथ कृषि प्रयोग साझा करने पर उन्हें सम्मानित रूप से ‘गोबर मैन’ नाम दिया गया। संस्थान द्वारा उन्हें कार्य हेतु कार्यालय भी उपलब्ध कराया गया था।
हजारों ग्रामीणों को दिया स्वरोजगार का प्रशिक्षण
वे बैंक ऑफ इंडिया के ICT कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक रहे। उन्होंने बकरी पालन, रेशम कीट पालन, मशरूम उत्पादन, अगरबत्ती और साबुन निर्माण जैसे कार्यों में 10 हजार से अधिक किसानों और ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया।

दिग्गजों ने व्यक्त की शोक संवेदना
उनके निधन पर भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा, नवडीहा मंडल अध्यक्ष सुधीर वर्मा, भाजपा नेता शुभम कुमार, विनय वर्मा, दीनदयाल, सचिन और अजीत समेत अनेक गणमान्य लोगों ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।




