रात के अंधेरे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हेमंत सरकार की कारवाई निंदनीय: सुरेश साव

Last Updated on August 12, 2026 by Gopi Krishna Verma गिरिडीह। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और गिरिडीह विधानसभा के लोकप्रिय नेता सुरेश साव ने बुधवार को अपने शास्त्री नगर, गिरिडीह आवासीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि झारखंड में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन को ये हेमंत सोरेन के सरकार जिस तरह…

Last Updated on August 12, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और गिरिडीह विधानसभा के लोकप्रिय नेता सुरेश साव ने बुधवार को अपने शास्त्री नगर, गिरिडीह आवासीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि झारखंड में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन को ये हेमंत सोरेन के सरकार जिस तरह से बर्बरतापूर्ण तरीके से रात के अंधेरे में, बिजली काट कर और पुलिस के द्वारा छात्रों को लाठी से पिटवाया उसकी मैं घोर निंदा करता हूं। और उसके लिए झारखंड के छात्र, नौजवान कभी उनको माफ नहीं करेगी। मैं तो उन पुलिसवालों से भी कहूंगा कि इस तरह की बर्बरता पूर्वक लाठी नहीं चलाइए। इस आंदोलन में आपका भाई, बेटा और भतीजा भी हो सकता है।

सुरेश ने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं है। छात्रों का स्पष्ट मांग है कि इसकी सीबीआई जांच हो ओर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. जिस तरह से झारखंड में छात्रों का आंदोलन शांति पूर्ण तरीके से चल रहा है और छात्रों से वार्ता करने के लिए हेमंत सोरेन ने हमारे गिरिडीह के विधायक सह झारखंड सरकार में मंत्री ‘सुदिव्य कुमार सोनू’ के नेतृत्व में वार्ता की कमेटी बनाई तो हम गिरिडीह वासियों को लगा कि चलो वार्ता सफल होगी और हमलोगों को गर्व होगा कि छात्रों की समस्या का समाधान हो जाएगा और इसका श्रेय हम गिरिडीह विधानसभा वासियों को मिलेगा। मगर जिस तरह से छात्रों के आंदोलन को गिरिडीह विधायक के द्वारा गुमराह किया गया आज हम तमाम गिरिडीह विधानसभा के लोग शर्म मसहूस कर रहे हैं की एक अच्छा काम झारखंड के लिए करना था; लेकिन उन्होंने राजनीति करके जबकि छात्रों का सीधा मांग था कि सीजीएल और जेएसएससी की परीक्षा को रद्द करते हुए सीबीआई जांच किया जाए।

श्री साव ने कहा कि जब इन्होंने गडबड़ी नहीं की है तो सीबीआई जांच से आपत्ति क्यों हुई, छात्रों को लगा कि पिछले सीजीएल की जांच सीआईडी से राज्य सरकार ने कराई लेकिन कोर्ट के सामने सही साक्ष्य नहीं दिए इसलिए सीआईडी पर छात्रों को भरोसा नहीं हुआ। सुरेश साव ने कहा कि हमारे विधायक और झारखंड के मंत्री जी के मामले को सुलझाने के बदले उलझाने लगे ओर इन्होंने भाजपा की साजिश तक बता दिया जबकि भाजपा ने नैतिक समर्थन भाजपा को दिया था। किया मंत्री की वार्ता में कोई भाजपा का नेता था क्या था क्या हां जिस तरह से छात्रों का आंदोलन को झारखंड सरकार कुचलने का काम किया।

छात्र भूखा-सुखा भात खाने को मजबूर हुए भाजपा का हरेक कार्यकर्ता छात्रों के साथ है। और रहेगा चूंकि हमारे सब झारखंड के बच्चे है और हम उनके लिए हमेशा खड़े है। कॉग्रेस, झामुमो, राजद, माले कहती है कि दिल्ली में भाजपा क्या कर रही थी तो मैं स्मरण करा दूं कि दिल्ली में जो छात्रों मांग थी उसे हमारे मोदी जी की सरकार ने मान लिया लेकिन पर्दे के पीछे जिस तरह से कॉग्रेस के लोग अपने लोगों को भेज कर मोदी जी को ओर उनकी स्वर्गीय माँ को गालियां दी अपशब्द कहा ये बहुत ही शर्मनाक है। लेकिन रांची में छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे इनलोगों ने तो किसी को अपशब्द तक नहीं कहा, झारखंड में कॉग्रेस नेता राहुल गांधी की नीति छात्रों के लिए अलग और दिल्ली में अलग ऐसा नहीं चलेगा।

सुरेश साव ने कहा कि राहुल गांधी में हिम्मत है तो हेमन्त सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस ले और झारखंड के छात्रों के हित में सीबीआई जांच की मांग करे। दिल्ली में अलग और रांची में अलग ये दोहरा नीति राहुल गांधी का नहीं चलेगा। ये जनता सब देख रही है छात्रों का तो एक ही मांग है कि टीडीपीएल एजेन्सी से जो भी परीक्षा लिया गया है आप इसको रद्द करते हुए सीबीआई से जांच करवा दे। इसमे सरकार को क्यूं आपत्ति है। जब आपको सरकार साफ सुथरी है तो जांच करवा दीजिए।

श्री साव ने दो हजार की घटना को याद दिलाते हुए कहा कि निरसा के विधायक स्वर्गीय गुरूद्वारा चटर्जी की हत्या हो गई थी उस समय बिहार था और छह महीने के बाद झारखंड बना सीपीएम के एक बंगाल के सांसद ने निरसा में धरना दिया कि हत्या की सीबीआई जांच हो उस समय झारखंड बन गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सांसद से बात किया हमारी सरकार जांच करा रही है। आपको उस पर भरोसा नहीं है क्या तब उन्होंने कहा था कि भरोसा है; लेकिन आप सीबीआई से जांच करवा दीजिए तब बाबूलाल मरांडी ने कहा था कि ठीक है।

आप धरना खत्म कीजिए हम सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा कर देते हैं। चूंकि जब इनको लगा कि जब ये सीबीआई जांच से खुश है तो हमे क्या हमारी तो इस हत्या में कोई भूमिका ही नहीं है। तो सांच को आंच किया अगर आपकी सरकार इस गडबड़ी में शामिल नहीं है तो आप छात्रों की डिमांड को मानकर सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा कर दीजिए। लेकिन ये सरकार पूरी तरह से इसमे संलिप्त है और जांच की आंच इनके ऊपर ना आ जाय इसलिए ये सरकार डरी हुई है चूंकि पिछले बार इन्होंने सीआईडी से पर्याप्त सांच जान बुझ कर नहीं दिए थे जिसके कारण छात्रों को न्याय नहीं मिल पाया।

पूरे मामले को दूसरी दिशा को ओर राजनीति रूप देने में हमारे गिरिडीह के विधायक और झारखंड सरकार के माननीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जो किया है हम गिरिडीह विधानसभा के लोग इसके लिए शर्मिंदा है। गिरिडीह विधानसभा की जनता को आज पछतावा हो रहा है कि हम ऐसे विधायक को चुनें है जो हमारे झारखंड के नौजवानों के साथ छात्रों के साथ अन्याय कर रहे हैं, धोखा दे रहे हैं, हमारे बच्चे पर लाठी गोली चलवा रहे है। इसका बदला हमलोग आने वाले चुनाव में शुद्ध समेत वसूल करेंगे और अपनी बदनामी से हमलोग बचेंगे।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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