Last Updated on September 28, 2026 by Gopi Krishna Verma
– समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
– स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गैर-कृषि उद्यम, बाजार लिंकेज और ब्रांडिंग से जोड़ने की पहल; आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर

गिरिडीह। जिला प्रशासन गिरिडीह एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को समाहरणालय सभागार में ‘झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम’ के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को गैर-कृषि क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने, मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने तथा उन्हें वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त एवं सहायक समाहर्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान JSLPS के डीपीएम, संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिला उद्यमी उपस्थित रहीं।

150 उद्यमियों का होगा चयन, मिलेगी ₹10 लाख तक की वित्तीय मदद
कार्यशाला में बताया गया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा स्वीकृत इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन JSLPS के सहयोग से आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIM Calcutta Innovation Park) द्वारा किया जा रहा है।
इस योजना के तहत राज्य भर से 150 योग्य उद्यमियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें निम्नलिखित लाभ एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी:
- वित्तीय सहायता: ₹10 लाख तक का अनुदान (Grant) या ब्याज-मुक्त ऋण।
- तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण: व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उपकरण एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी।
- ब्रांडिंग एवं नेटवर्किंग: व्यवसाय विकास, ब्रांडिंग, मार्केट लिंकेज और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुँच।
कौन कर सकता है आवेदन
निर्माण (Manufacturing) एवं सेवा (Services) क्षेत्र से जुड़े ऐसे व्यक्तिगत या समूह उद्यमी इसके पात्र होंगे, जिनका स्वामित्व सखी मंडल की सदस्यों अथवा उनके निकट संबंधियों के पास है। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय की गई है।

“महिलाएं आजीविका से आगे बढ़कर उद्यमिता अपनाएं” — उपायुक्त
उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जिले में सराहनीय कार्य कर रही हैं। अब समय आ गया है कि वे केवल पारंपरिक आजीविका गतिविधियों तक सीमित न रहकर बड़े पैमाने पर उद्यमिता और व्यवसाय विस्तार की ओर कदम बढ़ाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि जिले की अधिक से अधिक पात्र महिलाएं और SHG सदस्य 30 सितंबर से पहले अपना आवेदन जमा कर इस योजना का लाभ उठा सकें।




