गिरिडीह: अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र पचंबा में जिला स्तरीय रबी कर्मशाला-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन

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Last Updated on November 4, 2026 by Gopi Krishna Verma

वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि अपनाएं, भूमि की उर्वरता और रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाएं: रामनिवास यादव

गिरिडीह। अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र, पचंबा में जिला स्तरीय रबी कर्मशाला-सह-खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, कृषक मित्र और जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

आधुनिक तकनीकों और भूमि संरक्षण पर विशेष जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का समावेश और कृषि भूमि का संरक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का मुख्य उद्देश्य कृषि योग्य भूमि की गुणवत्ता व उर्वरता बनाए रखना, मिट्टी और जल संसाधनों का संरक्षण करना तथा किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है।

उपायुक्त ने किसानों से रबी मौसम में गेहूं, चना, मटर, सरसों और अन्य फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की अपील की। उन्होंने मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग, गुणवत्तापूर्ण बीज, बीज उपचार, फसल चक्र और जैविक खाद को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही जल संरक्षण और उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की गई।

अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि रबी मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। कृषि विभाग के पदाधिकारी प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर विभागीय योजनाओं, अनुदान और तकनीकों की जानकारी दें। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पात्र किसानों को लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया।

विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण और सहायक गतिविधियां

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने रबी फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन एवं उपचार, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन और फसल उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। किसानों को मटर, सरसों, गेहूं, जौ और चना की खेती को प्रोत्साहित करने तथा कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से खेती की लागत कम करने के उपायों से भी अवगत कराया गया।

इस दौरान कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी सहायक गतिविधियों को किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में रेखांकित किया गया। किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे, जिस पर उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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