गिरिडीह में गरमाई सियासत: दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पर टिप्पणी से JMM आक्रोशित, BJP नेता के बयान पर कड़ा ऐतराज

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Last Updated on November 4, 2026 by Gopi Krishna Verma

झामुमो ने बुलाई आपात प्रेसवार्ता; कहा– भाषा पर नियंत्रण रखे भाजपा, माफी न मांगने पर सड़क पर उतरने की दी चेतावनी

गिरिडीह। झारखंड के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह के पूर्व विधायक स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष सह भाजपा नेता कामेश्वर पासवान द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद गिरिडीह की राजनीति अचानक गरमा गई है। भाजपा नेता के इस बयान से आक्रोशित झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर कड़ा विरोध जताया और भाजपा शीर्ष नेतृत्व को अपने नेताओं की भाषा पर लगाम लगाने की सख्त नसीहत दी।

भाजपा स्पष्ट करे अपना आधिकारिक रुख: सुमित कुमार

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए गिरिडीह के डिप्टी मेयर सुमित कुमार और जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि दिवंगत नेता सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ जिस प्रकार की निम्नस्तरीय भाषा का प्रयोग किया गया है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।

सुमित कुमार ने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि पार्टी इस बयान पर अपना रुख स्पष्ट करे। यदि भाजपा कामेश्वर पासवान के बयान का सार्वजनिक रूप से खंडन नहीं करती है, तो झामुमो इसे भाजपा का आधिकारिक बयान मानेगी। सुमित कुमार ने तंज कसते हुए यह भी दावा किया कि चुनाव के समय यही कामेश्वर पासवान दिवंगत मंत्री सोनू के पैर पकड़ते नजर आए थे।

स्वाभिमान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने को तैयार JMM: रॉकी सिंह

जेएमएम के महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी को अपने मर्यादाहीन नेताओं पर तुरंत लगाम कसनी चाहिए। एक दिवंगत नेता, जो अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके खिलाफ ऐसी ओछी टिप्पणी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि झामुमो अपने नेता के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का रखें ध्यान: अभय सिंह

जेएमएम नेता अभय सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को अपनी भाषा और आचरण की सीमाएं याद रखनी चाहिए। कामेश्वर पासवान द्वारा प्रयुक्त भाषा एक जिम्मेदार राजनीतिक व्यक्ति को कतई शोभा नहीं देती।

अतीत की मदद भूल टिप्पणी करना गैर-जिम्मेदाराना: मोहन दास

जिला परिषद सदस्य मुनि देवी के प्रतिनिधि मोहन दास ने भाजपा नेता पर वादाखिलाफी और एहसानफरामोशी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अतीत में एक दलित महिला से जुड़े संवेदनशील मामले में कामेश्वर पासवान खुद मदद मांगने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस नेता से संकट के समय मदद मांगी गई, उनके निधन के बाद उनके खिलाफ इस तरह की घटिया बयानबाजी करना कहां तक नैतिक है?

भाजपा के जवाब पर टिकीं सभी नजरें

दिवंगत मंत्री पर हुई इस टिप्पणी के बाद गिरिडीह में झामुमो और भाजपा के बीच राजनीतिक तल्खी चरम पर पहुंच गई है। अब पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और क्या पार्टी अपने नेता कामेश्वर पासवान के बयान से खुद को अलग करती है या नहीं।

(इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से डिप्टी मेयर सुमित कुमार, जेएमएम महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, नेता अभय सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, अंकित सहाय तथा मोहन दास सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।)

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