पीरटांड की घटना पर गरमाई राजनीति: भाजपा नेता सुरेश साव ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना, बोले- ‘आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया’
Last Updated on November 4, 2026 by Gopi Krishna Verma
गिरिडीह विधानसभा के मेरोमगोड़ा गांव में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव में एक महिला की मौत पर भाजपा ने जताया रोष, प्रशासन से मुआवजे की मांग

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीरटांड प्रखंड से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एक आदिवासी महिला की समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई। इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा नेता सुरेश साव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है।
क्या है पूरा मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता सुरेश साव ने पीरटांड प्रखंड के बदगावां पंचायत अंतर्गत बहरागड़ी मौज़ा स्थित मेरोमगोड़ा गांव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस गांव में शत-प्रतिशत आदिवासी आबादी निवास करती है।

हाल ही में इस गांव की एक महिला, धनी देवी, को जहरीले सांप ने काट लिया। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क और आवागमन का कोई उचित साधन न होने के कारण परिजनों को उन्हें मजबूरन खटिया पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। वाहन की व्यवस्था होने और अस्पताल पहुंचने में अत्यधिक समय बीत जाने के कारण मरीज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
हेमंत सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखे सवाल
सुरेश साव ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार हमेशा से जल, जंगल, जमीन, आदिवासी और मूलवासी की रक्षा करने के दावे करती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है।

उन्होंने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
- सड़कों का अभाव: पिछले सात वर्षों से राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार है और इसी अवधि से गिरिडीह विधानसभा में उनके सहयोगी जनप्रतिनिधि भी हैं, लेकिन एक शत-प्रतिशत आदिवासी बहुल गांव तक आज तक सड़क नहीं बनाई जा सकी है।
- बुनियादी सुविधाओं की कमी: ग्रामीण आज भी सड़क, शुद्ध पेयजल, और अच्छी शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और दुर्लभ व संघर्षपूर्ण जीवन जीने को मजबूर हैं।
- वोट बैंक की राजनीति: भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और सत्ता पक्ष केवल आदिवासियों को अपना वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना जानता है। उन्होंने कहा कि नैतिक आधार पर झामुमो को पीरटांड क्षेत्र में आगामी चुनावों में उतरने से पहले विचार करना चाहिए।

जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में भाजपा नेता सुरेश साव ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय सुध ली जाए और मृतका के पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से उचित आर्थिक सहायता व मुआवजा जल्द से जल्द प्रदान किया जाए।
