Last Updated on June 25, 2026 by Gopi Krishna Verma
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित नुक्कड़ नाटक और एलईडी वाहन से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में दिया जा रहा नशा मुक्ति का संदेश

गिरिडीह। निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध संचालित राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत गिरिडीह जिले में नशा मुक्ति को लेकर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के निर्देशानुसार लगातार जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सके और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो।

इसी क्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जिले के सुदूरवर्ती, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को निषिद्ध मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। नुक्कड़ नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार आमजन को यह संदेश दे रहे हैं कि नशा व्यक्ति के जीवन, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है।

नशे की लत व्यक्ति को आर्थिक रूप से कमजोर करने के साथ-साथ पारिवारिक विघटन, सामाजिक असुरक्षा, अपराध और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की ओर भी धकेलती है। कलाकारों द्वारा गीत, संवाद और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाया जा रहा है कि नशा छोड़कर ही स्वस्थ, समृद्ध और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ा जा सकता है।
वहीं एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों से संबंधित लघु फिल्में, जनहित संदेश एवं जागरूकता वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करने वाली सामाजिक बुराई है। इसलिए इसके विरुद्ध सामूहिक जनभागीदारी एवं सामाजिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। अभियान के दौरान ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है तथा उन्हें “नशा छोड़े, परिवार जोड़े”, “नशामुक्त गांव-समृद्ध गांव” और “स्वस्थ युवा-सशक्त राष्ट्र” जैसे संदेशों के माध्यम से नशा मुक्ति के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने आमजनों से इस जन-जागरूकता अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की अपील करते हुए कहा है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही नशामुक्त गिरिडीह एवं नशामुक्त झारखंड के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है। अभियान के तहत आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों एवं गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।




