Last Updated on July 22, 2026 by Gopi Krishna Verma
आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित करें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीसी
एक नज़र:
- जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश।
- .सामुदायिक शौचालय, वेस्ट सेनिटेशन पार्क एवं हर घर जल योजनाओं में तेजी लाएं, सभी अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय: उपायुक्त

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में जल जीवन मिशन, जल जीवन मिशन 2.0 एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में योजनाओं की वर्तमान प्रगति, लंबित कार्यों, हर घर जल सर्टिफिकेशन, हैंडओवर, सामुदायिक शौचालय, वेस्ट सेनिटेशन पार्क एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सामुदायिक शौचालय निर्माण की प्रगति अपेक्षित नहीं पाए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां अब तक भूमि का चयन नहीं हुआ है, वहां अविलंब भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाएं, ताकि योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर आमजन तक पहुंच सके।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिले के जिन आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर शौचालय निर्माण एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही जहां शौचालय अथवा पेयजल से संबंधित किसी प्रकार की समस्या है, उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों एवं आमजन को मूलभूत सुविधाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। हर घर जल सर्टिफिकेशन एवं हैंडओवर कार्यों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि जिले की प्रगति अभी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के मुखिया, कनीय अभियंता एवं संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा करें तथा सभी बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए सर्टिफिकेशन एवं हैंडओवर कार्यों में तेजी लाएं। बैठक में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय IHHL निर्माण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन पात्र परिवारों के यहां अब तक शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, वहां अभियान चलाकर शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले को खुले में शौच से मुक्त (ODF) स्थिति को स्थायी बनाए रखने के लिए शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है।

इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।सिंगल विलेज स्कीम के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने योजनाओं के हैंडओवर की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने एवं सभी आवश्यक औपचारिकताओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इसके अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मी पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्य प्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होगी तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएंगे।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-1 एवं 2, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




