Last Updated on July 27, 2026 by Gopi Krishna Verma
अनाथ बच्चों के सर्वांगीण संरक्षण एवं शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु उपायुक्त ने संबंधित विभागों को किया निर्देशित

गिरिडीह। अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के प्रति जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में डुमरी प्रखंड के आमरा पंचायत अंतर्गत पारगो तिलैया, टोला अंबाखोरी निवासी तीन अनाथ बच्चों एवं उनकी वृद्ध दादी से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मुलाकात के दौरान बच्चों की दादी फगनी देवी (उम्र 75 वर्ष) ने परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने पूरे धैर्य एवं संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई प्रशासन की प्राथमिकता है।

उपायुक्त ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को तत्काल कार्यालय में बुलाकर दोनों अनाथ बच्चों सुनील मुर्मू (उम्र 7 वर्ष) एवं प्रदीप मुर्मू (उम्र 5 वर्ष) को स्पॉन्सरशिप योजना से आच्छादित करने की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ करने तथा सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके पालन-पोषण एवं भविष्य की आवश्यकताओं को सुरक्षित किया जा सके। इसके साथ ही उपायुक्त ने वृद्ध दादी फगनी देवी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ देने में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने बच्चों की पहचान संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी बच्चों का आधार कार्ड शीघ्र बनवाने का भी निर्देश दिया, ताकि भविष्य में उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। वहीं परिवार की बड़ी बच्ची बहामुनि मुर्मू (उम्र 14 वर्ष), जो वर्तमान में कक्षा 5 में अध्ययनरत है, की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने उसे बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्राथमिकता के आधार पर नामांकन कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है तथा किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक या सामाजिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक बिंदु की प्रगति से उन्हें अवगत कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंद, अनाथ एवं असहाय बच्चों तथा वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा तथा ऐसे प्रत्येक मामले में मानवीय संवेदनशीलता के साथ त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।




