तंबाकू नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त, डीसी रामनिवास यादव ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
Last Updated on May 30, 2026 by Gopi Krishna Verma
जिला तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक में जनजागरूकता और सख्त कार्रवाई पर उपायुक्त का जोर

गिरिडीह। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला तंबाकू नियंत्रण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं और किशोरों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाना समय की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन एवं नगर निकाय सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध कानून (कोटपा-2003) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर की परिधि के भीतर गुटखा, पान मसाला, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस प्रावधान का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर गुटखा, सिगरेट, पान मसाला एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन और धूम्रपान पर भी सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपायुक्त ने तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी अनुपालन हेतु विशेष छापेमारी दल का गठन करने का निर्देश दिया। इस दल में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फूड इंस्पेक्टर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को शामिल करते हुए नियमित जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजार क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जांच अभियान संचालित किए जाएं। उपायुक्त ने जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर तक लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से नशामुक्ति एवं तंबाकू त्याग संबंधी परामर्श सेवाओं को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे एवं तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, जागरूकता अभियानों, छापेमारी अभियान तथा प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू निषेध संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़े और स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी खोरीमहुआ, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
