Last Updated on May 31, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। शनिवार देर शाम को 13 दिन बीत जाने के बाद भी पायल कुमारी की मौत की गिरिडीह पुलिस ने खुलासा नही किया है। वहीं झंडा मैदान से टावर चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। जिसके विरोध में परिजनों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शहर में विशाल कैंडल मार्च निकाला। मार्च में मृतका के पिता जागेश्वर दास, परिवार के सदस्य शिवा दास, राजू दास और संजय दास सहित सैकड़ों ग्रामीण और छात्र-छात्राएं शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां तथा न्याय की मांग से जुड़े पोस्टर लिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। पायल के पिता जागेश्वर दास ने कहा कि उनकी बेटी मेधावी और होनहार छात्रा थी तथा वह आत्मह,त्या जैसा कोई कदम कभी नहीं उठा सकती थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।
पायल की सहपाठी छात्राओं ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पायल की रहस्यमयी मौत से छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, जो उनकी पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर डाल सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा रामनिवास यादव से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। रोष व्यक्त करने के दौरान छात्रों ने एक प्रतीकात्मक कार्रवाई करते हुए एक अपराधी का पुतला बना कर टावर चौक पर फां,सी के फंदे से लटका दिया।
परिजन और ग्रामीण आवाज उठाते हुए कहते रहे कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि दोषियों को कठोर सजा मिले और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।




