Last Updated on September 29, 2026 by Gopi Krishna Verma
नाबार्ड डीडीएम ने कहा- महिलाओं के बनेंगे आर्टिजन कार्ड; मुखिया सोनी देवी बेरहाबाद में बनाएंगी बुनकर कोऑपरेटिव सोसाइटी

जमुआ (गिरिडीह)। आजीविका उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत ‘स्वावलंबी साड़ी संगम परियोजना’ अंतर्गत नाबार्ड के सौजन्य से ‘आइडिया’ (इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट इम्पावरमेंट एंड अवेयरनेस) द्वारा आयोजित 20 दिवसीय हस्तकरघा साड़ी निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को बेरहाबाद गांव में सफलतापूर्वक समापन हो गया।
समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे नाबार्ड के डीडीएम हरिहरन सीवी ने महिलाओं द्वारा तैयार की गई साड़ियों का अवलोकन कर उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना है। आइडिया संस्था के सहयोग से सभी प्रशिक्षित महिलाओं के भारत सरकार द्वारा ‘आर्टिजन कार्ड’ (Artisan Card) बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं और विपणन का लाभ मिल सके।

बेरहाबाद में बनेगी बुनकर कोऑपरेटिव सोसाइटी
कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय मुखिया सोनी देवी ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए घोषणा की कि बेरहाबाद की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत करने के लिए एक ‘बुनकर सहकारी समिति’ (Weaver Cooperative Society) का गठन किया जाएगा। इससे महिलाओं को एक संगठित पहचान मिलेगी और बेरहाबाद पंचायत का नाम रोशन होगा।
भागलपुर के मास्टर ट्रैनर से सीखीं बुनाई की बारीकियां
भागलपुर (बिहार) से आए मुख्य प्रशिक्षक विश्वनाथ साह ने बताया कि महिलाओं ने बुनाई की बारीकियों और तकनीकों को बेहद गंभीरता से सीखा है। उनके द्वारा तैयार की गई साड़ियां जल्द ही बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर आइडिया संस्था की प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर खुशी शर्मा, सीआरपी हसीना खातुन, अनिता यादव, रेखा देवी, सोनिया देवी, नीलम कुमारी, गुड़िया देवी, कुसुम देवी, चम्पा देवी, सबिता देवी, गीता देवी, शीलू कुमारी, मीना देवी, बसंती देवी, ललीता देवी, रीना देवी, उमा देवी, कंचन देवी सहित कुल 30 प्रशिक्षित महिलाएं उपस्थित थीं।




