माननीय महामहिम राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने तमिलनाडु भवन मधुबन शिखरजी(स्थानीय कार्यक्रम) में शिरकत किए।
उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र सिंहपुर मधुबन में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में माननीय महामहिम शामिल हुए, कार्यक्रम में स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ माननीय महामहिम का स्वागत किया गया।
बांस कला प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र में माननीय महामहिम राज्यपाल ने लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया।
वंचित लाभार्थियों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने एवं लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश।
गिरिडीह। माननीय महामहिम राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सर्वप्रथम तमिलनाडु भवन मधुबन शिखरजी (स्थानीय कार्यक्रम) में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत किए। तत्पश्चात उन्होंने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र सिंहपुर मधुबन में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लिया। जहां कार्यक्रम में स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ माननीय महामहिम का स्वागत किया गया। इसके पश्चात माननीय महामहिम ने बांस कला प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र का निरीक्षण किया एवं लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय महामहिम ने कहा कि सभी को जोहार। हमारी भाषा भले ही अलग-अलग हो परंतु हम सब एक हैं। हमारी पहली प्राथमिकता गांव तथा गांव से जुड़े हुए ग्रामीणों का विकास करना है। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सबसे प्रमुख एकजुटता होनी चाहिए। माननीय महामहिम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले वंचित लाभुकों को सरकार की योजनाओं से जोड़ लाभान्वित करने का कार्य किया जा सके। लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। साथ ही उनका लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है जागरूकता। सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ उनको मिल सके। जिन लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है वह अपने नजदीकी सरकारी कार्यालयों के माध्यम से जानकारी प्राप्त करें एवं सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, जल जीवन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जन औषधि योजना व अन्य योजनाओं का लाभ उठाएं। इसके अलावा माननीय महामहिम ने वहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा आमजनों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान स्थानीय के द्वारा प्राप्त मामलों के त्वरित समाधान को लेकर माननीय महामहिम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिए। इस दौरान मधुबन पंचायत के प्रमुख एवं मुखिया/पंचायत समिति के सदस्यों ने माननीय महामहिम से संवाद स्थापित किया। इस दौरान मधुबन पंचायत के प्रमुख ने विद्यालय की चाहरदीवारी को लेकर माननीय महामहिम से अनुरोध की। तत्पश्चात माननीय महामहिम ने विद्यालय की चाहरदीवारी को लेकर उपायुक्त को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द चाहरदीवारी का निर्माण सुनिश्चित करें।
बांस कला प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र का निरीक्षण व लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण:
माननीय महामहिम ने बांस कला प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र का निरीक्षण किया एवं लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। जहां विभिन्न किसानों के बीच पंप सेट का वितरण किया गया। जिनमें 1. समयुद्दीन मियां, 2. त्रिवेणी सिंह, 3. शहाबुद्दीन अंसारी, 4. सिकंदर यादव, 5. सोहराय महतो, 6. हिरामन सिंह तथा 7. अब्दुल गफूर शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न लाभार्थियों के बीच बंबू क्राफ्ट कीट का वितरण किया। जिनमें 1. मेधनी देवी, 2. कौशल्या देवी, 3. सुनीता देवी, 4. जमनी देवी, 5. पूजा कुमारी, 6. सविता देवी, 7. गायत्री देवी, 8. शांति देवी, 9. चिंता देवी तथा 10. लीलावती देवी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच आजीविका पशु कीट का वितरण किया गया। जिनमें 1. अंजलिना कुमारी, 2. गीता कुमारी, 3. चिंता देवी, 4. मंजू देवी, 5. प्रमिला देवी शामिल है। इसके अलावा जिला गव्य विकास कार्यालय के द्वारा विगत वर्ष 22-23 मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। जिनमें 1. मोनिका मरांडी और 2. सुनिधि मुर्मू को (दो गाय) योजना हेतु 59,753-59,753 रुपए अनुदान राशि के रूप में प्रदान की गई। इसके साथ ही पशुपालन कार्यालय के द्वारा 1. रमनी देवी को बकरा विकास योजना अंतर्गत 18,215 तथा 2. मरियम हांसदा को बतख चूजा योजना के अंतर्गत 1530 रुपया अनुदान राशि के रूप में प्रदान की गई।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का किया निरीक्षण:
राज्यपाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान माननीय महामहिम ने पूरे विद्यालय प्रांगण का निरीक्षण किया साथ ही विद्यालय के सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने कंप्यूटर क्लास, लाइब्रेरी, जिन्मेसियम, स्मार्ट क्लास व अन्य कक्षाओं का अवलोकन किया तथा बच्चों से मुलाकात कर उनके पठन-पाठन की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बच्चे एकाग्रता के साथ कोई भी कार्य को करें। चाहे वह पढ़ाई हो, खेल लो, या जीम हो या अन्य कार्य हो, पूरी एकाग्रता के साथ करें। इसके अलावा माननीय महामहिम ने कहा कि जब हम छोटे थे तब इतनी सुविधाएं नहीं थी, आजकल बच्चों को काफी ज्यादा सुविधाएं मिल रही हैं, इन सुविधाओं से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। और बच्चे हरे क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। इस दौरान माननीय महामहिम ने कहा कि बच्चों को किसी भी असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है बल्कि और भी मेहनत करते हुए असफलता के कारणों को पता करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। हर किसी के जीवन में सफलता एवं सफलता आती है इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा माननीय महामहिम ने बच्चों की हौसला अफजाई की तथा उनके बेहतर भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी।
Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.
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