गिरिडीह: दीपावली और छठ महापर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन जांच अभियान, 8.5 किलोग्राम दूषित मिठाई नष्ट
Last Updated on November 4, 2026 by Gopi Krishna Verma
बगोदर में 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का हुआ निरीक्षण, 6 दुकानदारों को FSSAI लाइसेंस लेने का निर्देश

गिरिडीह। आगामी दीपावली एवं छठ महापर्व के मद्देनजर आमजनों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सरिया-बगोदर अनुमंडल के बगोदर प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाया।
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुल 10 दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के क्रम में 8.5 किलोग्राम दूषित एवं मिलावटी मिठाई पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा, नियमों का पालन न करने वाले 6 दुकानदारों को अनिवार्य रूप से FSSAI लाइसेंस प्राप्त करने का कड़ा निर्देश दिया गया।

स्वच्छता और मानकों का पालन करने की हिदायत
जांच अभियान के दौरान ठेला-खोमचा संचालकों, फल एवं सब्जी विक्रेताओं, मिठाई दुकानदारों, पनीर विक्रेताओं तथा होटल संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा गया। इस दौरान मिलावटी और एनालॉग पनीर की जांच की गई तथा खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुमोदित खाद्य रंग का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई।
यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पूजा भगत, पूजा कुमारी, आशुतोष गहलौत और सहायक वसीम की उपस्थिति में संपन्न हुई।

स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: प्रशासन
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) के प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। खाद्य पदार्थों के भंडारण, निर्माण, बिक्री और वितरण में स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि आमजनों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने, मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने और बिना लाइसेंस के कारोबार संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
