Last Updated on September 24, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के समक्ष छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि कॉलेज को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के बजाय एक सुव्यवस्थित शैक्षणिक संस्थान के रूप में संचालित किया जाना चाहिए, ताकि आम छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो।

क्या हैं छह सूत्रीय प्रमुख मांगें
- राजनीतिक गतिविधियों पर रोक: कॉलेज परिसर को पूर्ण रूप से राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त रखा जाए।
- ससमय शैक्षणिक सत्र: शैक्षणिक सत्र को समय पर पूरा कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हों।
- प्रोफेसर विनिता कुमारी पर जांच: प्रोफेसर विनिता कुमारी की शैक्षणिक जिम्मेदारियों और उनकी राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- प्रोफेसर सतीश यादव मामले की समीक्षा: प्रोफेसर सतीश यादव से जुड़े पूर्व के जेल प्रकरण की उपलब्ध दस्तावेजों और नियमानुसार जांच की जाए।
- पूर्व प्राचार्य के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच: पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- सीसीटीवी कैमरों की स्थापना: सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी के लिए पूरे परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

छात्र हित में जारी रहेगा आंदोलन
मोर्चा के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह से विद्यार्थियों की समस्याओं के निवारण और कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण को सुधारने के लिए है। उन्होंने कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रशासन से चेतावनी भरे लहजे में अपील की है कि इन मांगों पर अविलंब गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
धरना-प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस आंदोलन में झारखंड छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभय कुमार, जिला सचिव विशाल झा और जिला उपाध्यक्ष रौनक मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
मौके पर रोहित कुमार, सुमेर वर्मा, बड्डी यादव, आर्यन वर्मा, सूरज मंडल, राज पांडे, बिट्टू यादव, आदित्य यादव, राकेश यादव, रितेश पाठक, करीना कुमारी, रोहित मरांडी, दुर्गा सोरेन, बिरन बास्की, गोविंद किस्कू, सावन मुर्मू, दीपक सोरेन, अस्टीफन मरांडी, सुनुलाल टुडू, सुनील मरांडी, पंकज मुर्मू, विमल मरांडी, संजीव मुर्मू और विनय हांसदा सहित दर्जनों छात्र उपस्थित थे।




