गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 10 दिनों में होगा पुनः संचालित: डीसी

Last Updated on August 12, 2026 by Gopi Krishna Verma 03 पंचायतों के 21 गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने को लेकर उपायुक्त सख्त, खराब उपकरणों की मरम्मती का निर्देश गिरिडीह। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यक कार्रवाई की…

Last Updated on August 12, 2026 by Gopi Krishna Verma

03 पंचायतों के 21 गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने को लेकर उपायुक्त सख्त, खराब उपकरणों की मरम्मती का निर्देश

गिरिडीह। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त रामनिवास यादव ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के तहत संचालित गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की वर्तमान स्थिति, जल शोधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं, मशीनरी, उपकरणों एवं जलापूर्ति व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से योजना के संचालन, वर्तमान तकनीकी स्थिति तथा योजना के बंद रहने के कारणों की विस्तृत जानकारी ली।

इस दौरान सुनील कुमार, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (संख्या 2) ने बताया कि वर्ष 2018 से संचालित इस योजना के माध्यम से क्षेत्र की कई पंचायतों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। हालांकि, अक्टूबर 2024 से कुछ तकनीकी कारणों के चलते योजना का संचालन बाधित है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने योजना की मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए इसके शीघ्र पुनः संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि खराब पड़े सभी पार्ट्स एवं उपकरणों की आवश्यकतानुसार मरम्मती अथवा प्रतिस्थापन कराते हुए अधिकतम 10 दिनों के भीतर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पुनः चालू करना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने कहा कि पेयजल आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इससे संबंधित योजनाओं का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है। ऐसे में संबंधित पदाधिकारी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि योजना के पुनः संचालन के बाद ग्रामीणों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्लांट के संचालन में आने वाली तकनीकी बाधाओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि योजना के बेहतर एवं सतत संचालन के लिए नई कार्यकारी एजेंसी के चयन हेतु री-टेंडर की प्रक्रिया की जानी है।

नई कार्यकारी एजेंसी के माध्यम से योजना का लगभग एक वर्ष तक संचालन एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि री-टेंडर से संबंधित प्रक्रिया को निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि योजना के संचालन में भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट के पुनः संचालन के बाद भी इसकी नियमित तकनीकी मॉनिटरिंग एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। जल शोधन की गुणवत्ता, मशीनरी की कार्यक्षमता तथा जलापूर्ति की निरंतरता पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी सामने आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजनों तक पहुंचे। इसके लिए बंद अथवा बाधित योजनाओं को चिन्हित कर उनके शीघ्र पुनः संचालन तथा योजनाओं के दीर्घकालिक एवं सुचारु संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान श्री सुनील कुमार, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, अभियंता एवं कर्मी उपस्थित थे।

About Author

About the Author

Pappu Kumar Verma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the editor

Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports