Last Updated on August 7, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली के मामले का तार बेंगाबाद थाना क्षेत्र से भी जुड़ गया है। इस सिलसिले में रांची से आई सीआईडी की टीम ने गुरुवार अहले सुबह बेंगाबाद थाना पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से जेपीएससी-14 धांधली के मास्टर माइंड अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी के एक रिश्तेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। वहीं देर रात पुछताछ के बात उसे छोड़े जाने की बात कही जा रही है, जिसकी आधारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, रांची से पहुंची सीआईडी टीम उसे अपने साथ लेकर रांची लौट गई है। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है और पुलिस कुछ भी बताने से साफ इनकार कर रही है। बतला दें कि जेपीएससी, जेएसएससी धांधली के मामले में सीआईडी टीम लगातार दोषियों तक पहुंचने के लिए छापामारी कर रही है।

इस मामले में CID की टीम ने गिरिडीह जिले से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी विद्यालय के सहायक अध्यापक विकास पांडेय को हिरासत में लिया है। हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है पर विश्वस्त सूत्रों के अनुसार शिक्षक को बेंगाबाद के बदवारा पंचायत के हथबोर से हिरासत में लेकर पूछ-ताछ की जा रही है।
CID की प्रारंभिक जांच में विकास पांडेय का नाम पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के संपर्क में आने के बाद सामने आया। जांच एजेंसी को आशंका है कि वह परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ी हो सकता है। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक उसके खिलाफ जुटाए गए सभी साक्ष्यों का खुलासा नहीं किया है।

बताया जा रहा है कि JPSC पेपर लीक मामले में CID लगातार राज्यभर में छापेमारी कर रही है। इससे पहले रांची, हजारीबाग, कोडरमा समेत कई जिलों में कोचिंग संस्थानों और संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। गिरिडीह से हुई यह गिरफ्तारी जांच के दायरे के लगातार विस्तार का संकेत मानी जा रही है।
सीआईडी अब विकास पांडेय से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि पेपर लीक गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे, नेटवर्क कैसे संचालित होता था तथा परीक्षा की गोपनीय जानकारी किन माध्यमों से अभ्यर्थियों तक पहुंचाई जाती थी।
source: live Hindustan & other.




