Last Updated on August 1, 2026 by Gopi Krishna Verma
सुनील खंडेलवाल ने मुख्य सचिव को भेजा आवेदन, विशेष निस्तारण अभियान चलाने का किया आग्रह

गिरिडीह। झारखंड राज्य सूचना आयोग में वर्षों से लंबित द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण की मांग को लेकर गिरिडीह निवासी एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने मुख्य सचिव, झारखंड सरकार को एक विस्तृत आवेदन भेजा है।
अपने आवेदन में श्री खंडेलवाल ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन सुनिश्चित करने वाला एक प्रभावी कानून है। किंतु झारखंड राज्य सूचना आयोग में वर्षों से बड़ी संख्या में द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों के लंबित रहने से अधिनियम का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है तथा नागरिकों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 से आयोग में नियमित सुनवाई प्रभावित रहने के कारण लगभग 25 हजार से अधिक द्वितीय अपील एवं शिकायतें लंबित हो गई थीं। हाल के दिनों में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति निश्चित रूप से सकारात्मक कदम है, लेकिन वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष प्रशासनिक अभियान चलाना आवश्यक है।
मुख्य सचिव को भेजे गए आवेदन में श्री खंडेलवाल ने मांग की है कि राज्य सूचना आयोग में लंबित सभी मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव (Special Disposal Drive) प्रारंभ किया जाए। साथ ही आयोग में नियमित सुनवाई सुनिश्चित करने, आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने तथा आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँ।
उन्होंने अपने आवेदन में यह भी आग्रह किया है कि इस मामले को केवल संबंधित विभाग को अग्रेषित कर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि मुख्य सचिव स्तर से इसकी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध अनुपालन प्रतिवेदन (Action Taken Report) प्राप्त किया जाए, ताकि नागरिकों के सूचना के अधिकार का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

श्री खंडेलवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र की आधारशिला है। यदि अंतिम अपीलों के निस्तारण में वर्षों का विलंब होता है, तो नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है और अधिनियम की मूल भावना भी प्रभावित होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्य सचिव इस गंभीर जनहित के विषय पर सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि राज्य सूचना आयोग की कार्यक्षमता में सुधार एवं लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण से न केवल हजारों लंबित प्रकरणों का समाधान होगा, बल्कि शासन के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।




