कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
Last Updated on April 8, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा इंडस्ट्रियल इकाइयों/कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने CSR के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि CSR के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा सकते हैं।
उपायुक्त ने सभी इंडस्ट्रियल इकाइयों से अपील की कि वे जिले के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जरूरतमंद क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करें। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि CSR के तहत किए जाने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किए जाएं तथा योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को इंडस्ट्रियल इकाइयों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि CSR गतिविधियों को जिला प्रशासन की प्राथमिक योजनाओं जैसे शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तिकरण, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जोड़ा जाए।

बैठक में उपायुक्त ने इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने CSR फंड का उपयोग समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्मार्ट क्लास, अस्पतालों में आवश्यक उपकरण, दिव्यांगजनों को सहायता सामग्री, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, पौधारोपण एवं कौशल विकास केंद्रों की स्थापना जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को CSR से संबंधित प्रस्तावों की सूची तैयार करने तथा इंडस्ट्रियल इकाइयों के साथ साझा करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और इंडस्ट्रियल इकाइयों के बेहतर समन्वय से जिले के विकास को नई गति मिल सकती है। अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों से समाज हित में मिलकर कार्य करने की अपील की और कहा कि CSR के माध्यम से जिले के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं इंडस्ट्रियल इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
